पश्चिम बंगाल से हुई हिंसा की शुरुआत; कांग्रेस का गंभीर आरोप
सामना संवाददाता / मुंबई
वर्ष २००२ में हुए गुजरात दंगों की तर्ज पर देशभर में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश रची जा रही है। इसके लिए प्रशिक्षण तक दिया जा रहा है। एक बार फिर देश का माहौल बिगाड़कर वर्ष २०२९ के लोकसभा चुनाव को जीतने की रणनीति बनाई जा रही है। विधानसभा चुनावों के बाद विभिन्न जगहों पर हुई हिंसा उसी योजना का पहला चरण है। इस तरह का गंभीर आरोप महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भारतीय जनता पार्टी पर लगाया।
तिलक भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए सपकाल ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल, असम सहित पांच राज्यों के चुनावों में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का एजेंडा चलाया। इसमें कोई आश्चर्य नहीं है, क्योंकि जनगणना के बाद जनवरी २०२८ से डिलिमिटेशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि डिलिमिटेशन कमेटी में किस सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल करना है, यह पहले से तय कर लिया गया है। इतना ही नहीं, परिसीमन के बाद बनने वाले नए निर्वाचन क्षेत्रों का नक्शा भी तैयार कर लिया गया है। तमिलनाडु की राजनीतिक परिस्थितियों पर बोलते हुए सपकाल ने कहा कि अभिनेता जोसेफ विजय की पार्टी को समर्थन देने का पैâसला स्थानीय नेताओं और प्रभारियों से चर्चा के बाद ही पार्टी नेतृत्व ने लिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर पहले से ही टीवीके के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन की मांग की जा रही थी। यदि समय रहते ऐसा पैâसला लिया गया होता तो कांग्रेस के अधिक विधायक जीतकर आते।
