-शिवसेना, मनसे, राष्ट्रवादी और कांग्रेस का पुलिस स्टेशन पर मोर्चा
सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे में पुलिस हिरासत में युवकों के साथ अमानवीय व्यवहार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिवसेना के मानपाड़ा विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर हुए आंदोलन में शामिल कुछ युवकों को कापुरबावड़ी पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि पुलिस स्टेशन में इन युवकों को निर्वस्त्र कर रातभर बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं, उनके साथ यौन प्रकृति की प्रताड़ना और थर्ड डिग्री टॉर्चर भी किया गया।
पूर्णेकर परिवार और पीड़ित युवकों की ओर से लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने ठाणे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवसेना, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकजुट होकर कापुरबावड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अत्याचार में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें पुलिस स्टेशन में कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया और बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर उसके साथ अश्लील और अपमानजनक हरकतें करने का आरोप भी लगाया है।
मामले में पीड़ित युवकों की मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें एक युवक की मेडिकल रिपोर्ट में शरीर के संवेदनशील हिस्से में तीन चोटों का उल्लेख सामने आया है। फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने भी लिए गए हैं। मोर्चा निकाले जाने के बाद ठाणे पुलिस आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं।
