मुख्यपृष्ठनए समाचारजमीन खरीद-बिक्री पद्धति को लेकर राज्य सरकार पर कांग्रेस ने बोला हल्ला

जमीन खरीद-बिक्री पद्धति को लेकर राज्य सरकार पर कांग्रेस ने बोला हल्ला

अनिल मिश्र / पटना

बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, मुन्ना मांझी, आदि ने कहा सूबे सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य के दर्जनों जिला के सैकड़ों गांवों, एवं नगर निकाय के वार्डों की जमीन रजिस्ट्री को एक वर्ष के लिए एका एक ग्रीन फील्ड, सेटेलाइट टाउनसीप के नाम पर रोक लगाने के बाद अब फिर संपूर्ण बिहार के जमीन रजिस्ट्री में रजिस्ट्री विभाग के साथ-साथ अब अंचल को भी जमीन रजिस्ट्रीकरण भूमिका पद्धति में शामिल कर पहले से ज्यादा जटिल बनाने का काम कर बिहार वासियों को भारी संकट में डालने का काम किया है। इस बीच इन सभी नेताओ ने कहा कि अभी ग्रीन लैंड सेटेलाइट टाउनशिप अंतर्गत आने वाले गांवों और वार्डों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार जो आवश्यक कार्य जैसे बेटी की शादी, बच्चों की पढ़ाई तथा गंभीर रोगों में अपने जमीन बेच कर करते थे उसे बंद होने से लोग त्राहि-त्राहि कर ही रहे थे, तो दुसरी ओर अब जमीन खरीद बिक्री हेतु अब रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ अंचल अधिकारी एवं कार्यालय को भी शामिल कर तथा इसके द्वारा रिपोर्ट देने के पद्धति से लोगों को संकट तथा लेट लतीफ एवं घूस का घोंसला बना कर किसान मजदूर को तंग तबाह करने को आमदा हैं। इस संबंध में नेताओं ने कहा कि जमीन रजिस्ट्री जिसे बिक्रय मनोबंध पत्र कहते हैं, जो जमीन का हकीयत नही है, ना ही अंचल और म्युनिसिपल रसीद ये सब काग़ज़ात केवल रजिस्टेंसन और टैक्स संबंधी काग़ज़ात है, जिसे हौआ बना कर सरकार किसान मजदूर एवं आमजनों को तंग, तबाह करना चाहती है। इस संबंध में इन नेताओं ने राज्य सरकार से जमीन खरीद, बिक्री को और जटिल बनाने के बजाय आसान करने की मांग किया है ताकि आमजन को जमीन रजिस्ट्री कराने हेतु अंचल का चक्कर नहीं काटना पड़े, बल्कि पहले की भांति आसानी से कार्य निष्पादित हो सके। अगर राज्य सरकार जल्द से जल्द ज़मीन खरीद- बिक्री यानी रजिस्ट्री में रोक को हटाने तथा अंचल की भूमिका समाप्त नहीं करेगी तो कॉंग्रेस पार्टी बाध्य होकर कॉंग्रेस पार्टी जिला रजिस्ट्रार यानी जिलाधिकारी कार्यालय उप रजिस्ट्रार यानी रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय का घेराव करने का काम करेगी ।

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