– अस्पतालों का दौरा और अधिकारियों को निर्देश जारी
-गंदगी, जलभराव और मच्छरों पर कब लगेगी लगाम?
द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई में मानसून के साथ डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। जगह-जगह गंदगी और पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, मनपा प्रशासन स्वास्थ्य व्यवस्था को मिशन मोड में चलाने का दावा कर रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ बैठकें लेकर और अधिकारियों को निर्देश देकर मुंबई की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधर जाएगी।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने जोगेश्वरी-पूर्व स्थित हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर मनपा अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल की सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को डेंगू समेत अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए गए।
अस्पतालों की मरम्मत भी फाइलों में कैद
मनपा अस्पतालों की मरम्मत और रखरखाव के काम को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित उपायुक्तों और सहायक आयुक्तों को अस्पतालों की समस्याओं का नियमित निरीक्षण कर उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन मुंबई के मनपा अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता, रखरखाव और मरम्मत को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर अधिकारियों को निर्देश देकर क्या वास्तव में अस्पतालों की स्थिति सुधरेगी या यह आदेश भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा? मनपा प्रशासन नागरिक सुविधा केंद्रों और ऑनलाइन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का दावा कर रहा है। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने और नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि कई नागरिकों को आज भी मनपा की सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में डिजिटल सुविधा और ऑनलाइन सेवाओं के दावों की वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बीमारी फैलने के बाद जागती है मनपा?
हर साल मानसून के दौरान मुंबई में डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसके बावजूद मच्छरों के प्रजनन स्थलों, पानी जमा होने और स्वच्छता व्यवस्था पर पहले से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? बीमारी पैâलने के बाद बैठकें और निर्देश जारी करना मनपा की पुरानी कार्यशैली बन चुकी है। मनपा प्रशासन ने सभी सहायक आयुक्तों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन सवाल यह है कि इन निर्देशों की निगरानी कौन करेगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर क्या समय पर कार्रवाई होगी।
