-निज्जर हत्याकांड से गैंगस्टरों में फिर सुलगी जंग
-बराड़ के कथित ऑडियो से बिश्नोई-डल्ला विवाद फिर सुर्खियों में
जेदवी / मुंबई
कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर पंजाब के गैंगस्टरों के बीच चल रही जुबानी जंग अब मुंबई तक पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिका में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के कथित ऑडियो ने लॉरेंस बिश्नोई और अर्श डल्ला के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। मुंबई पुलिस और अपराध शाखा की नजर पहले से ही देशभर में सक्रिय संगठित अपराध के नेटवर्क और उनके संभावित संपर्कों पर बनी हुई है।
अर्श डल्ला के आरोपों का जवाब देते हुए बराड़ ने लॉरेंस बिश्नोई के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। कथित ऑडियो में उसने दोनों के बीच पुरानी दोस्ती होने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी दावा किया कि अब दोनों के रास्ते और उसूल अलग हो चुके हैं। बराड़ ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि लॉरेंस उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो वह उसका सामना करने के लिए तैयार है। निज्जर हत्याकांड को लेकर भी बराड़ ने लॉरेंस से दूरी की वजह बताए जाने से इनकार किया। उसके अनुसार, निज्जर प्रकरण के बाद लॉरेंस के कथित बदलते रवैये और रणनीति को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़े थे। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को लेकर भी बराड़ ने कई दावे किए। उसने कथित तौर पर कहा कि मूसेवाला समझौता करना चाहता था और तीन करोड़ रुपए तक देने की पेशकश की थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मुंबई में संगठित अपराध के पुराने नेटवर्क और बाहरी राज्यों से जुड़े गैंगस्टरों की गतिविधियों को देखते हुए यह घटनाक्रम सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। सोशल मीडिया और जेल नेटवर्क के जरिए गैंगस्टरों के बीच संपर्क पुलिस के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है।
सोशल मीडिया बना हथियार
गैंगस्टरों के बीच कथित जुबानी जंग ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया, जेल नेटवर्क और बाहरी राज्यों के संपर्कों के जरिए अपराधी नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। मुंबई में संगठित अपराध से जुड़े पुराने नेटवर्क को देखते हुए पुलिस संभावित कड़ियों और गतिविधियों पर नजर रख रही है।
