मुख्यपृष्ठटॉप समाचारआज दिल्ली में शिवसेना सांसदों की आपात बैठक; व्हिप जारी 

आज दिल्ली में शिवसेना सांसदों की आपात बैठक; व्हिप जारी 

स्थान -शिवसेना संसदीय कार्यालय
समय-सुबह ११ बजे
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
शिवसेना के संसदीय दल की आपात बैठक गुरुवार १८ जून को नई दिल्ली में आयोजित की गई है। यह बैठक संसद भवन स्थित शिवसेना के संसदीय कार्यालय में सुबह ११ बजे होगी। बैठक में सभी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया गया है। शिवसेना के कुछ सांसद पार्टी से अलग होकर नया गुट बना सकते हैं, ऐसी चर्चा बुधवार को मीडिया और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में थी। जिस पर विराम लगाने के लिए शिवसेना ने सभी सांसदों की यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।
लोकसभा में शिवसेना के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने बैठक के लिए व्हिप जारी किया है। व्हिप में कहा गया है कि पार्टी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए यह बैठक आयोजित की जा रही है और सभी सांसदों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इन घटनाक्रमों के बीच शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्प्रâेंस की।
इस दौरान लोकसभा में शिवसेना नेता अरविंद सावंत, मुख्य सचेतक अनिल देसाई और सांसद राजाभाऊ वाजे भी मौजूद थे।
संजय राऊत ने कहा कि कल से ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर विभिन्न खबरें सुनने में आ रही हैं। लेकिन हमें अब तक इसकी कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिली है। हम भी यह सब टीवी चैनलों के माध्यम से ही सुन रहे हैं इसलिए फिलहाल हम किसी पर आरोप नहीं लगाएंगे। लेकिन यदि इस तरह कभी तृणमूल कांग्रेस, कभी शिवसेना या अन्य दलों को तोड़ने की कोशिश की जाती है तो इस देश में चुनाव लड़ने का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा।
‘महाराष्ट्र की जनता चुप नहीं बैठेगी’
संजय राऊत ने आगे कहा कि जिन सांसदों के नाम मीडिया में सामने आ रहे हैं, वे सभी शिवसेना के ‘मशाल’ चुनाव चिह्न और शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के चेहरे पर चुनाव जीतकर आए हैं। वे हमारे साथ विश्वासघात नहीं कर सकते। यदि ऐसा हुआ तो इस बार शिवसैनिक और महाराष्ट्र की जनता चुप नहीं बैठेगी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की गई मुलाकात
राजनीतिक अटकलों और चर्चाओं के बीच शिवसेना नेताओं संजय राऊत, अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। शिवसेना की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। इसमें अनुरोध किया गया कि यदि सांसदों का कोई समूह उनके पास किसी अलग गुट स्थापन की मांग या दावे के साथ पहुंचता है तो उस पर कोई निर्णय लेने से पहले मूल राजनीतिक शिवसेना से चर्चा की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि किसी भी सांसदों के समूह को स्वतंत्र गुट के लिए मान्यता न दी जाए। यदि किसी समूह को ऐसी मान्यता दी गई हो, तो उसे तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। शिवसेना नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष का ध्यान दल-बदल विरोधी कानून की प्रासंगिक धाराओं की ओर भी आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कोई व्यक्ति या समूह मूल राजनीतिक दल से अलग होकर किसी अन्य दल में विलय नहीं कर सकता। भले ही उसके पास दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन हो, तब भी ऐसा विलय वैध नहीं माना जाता। केवल मूल राजनीतिक दल ही आवश्यक संख्या बल के साथ किसी दूसरे दल में विलय का निर्णय ले सकता है। शिवसेना प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि किसी भी संभावित राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्णय लेते समय इन कानूनी प्रावधानों का ध्यान रखा जाए।

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