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फॉर्म-६ में झोल ही झोल!

-किसके इशारे पर बदला वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम?
-चुनाव आयोग से राहुल गांधी के तीखे सवाल टीसीएस की भूमिका पर भी मांगा जवाब
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब ऑनलाइन फॉर्म-६ में किए गए बदलाव ने चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर एक और सवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन फॉर्म-६ में बदलाव किया गया और पूछा है कि आखिर चुनाव आयोग में किस अधिकारी ने यह बदलाव करने के लिए टीसीएस को निर्देश दिया।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि टीसीएस में इस बदलाव को मंजूरी किसने दी और क्या कंपनी पर इसके लिए किसी तरह का दबाव था।
वोटर का फॉर्म बदला
तो जवाबदेही किसकी?
मामला इसलिए गंभीर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, क्योंकि फॉर्म-६ नए मतदाता के पंजीकरण से जुड़ा है। ऐसे में सवाल सिर्फ तकनीकी बदलाव का नहीं, बल्कि बदलाव की प्रक्रिया, आदेश और जिम्मेदारी का है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों का भी हवाला दिया है। इसी बीच रिपोर्टों में सामने आया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले १० महीनों में एसआईआर से जुड़े कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन मतभेदों को संस्थागत प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बताया है और कहा है कि उसके आदेश कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप हैं।

अब असली सवाल यही है
वोटर लिस्ट लोकतंत्र की बुनियादी व्यवस्था है। ऐसे में यदि ऑनलाइन पंजीकरण के फॉर्म में बदलाव हुआ है तो बदलाव का आदेश किसने दिया, तकनीकी बदलाव किसने मंजूर किया और उसका आधार क्या था। इन सवालों का स्पष्ट जवाब सार्वजनिक होना चाहिए। क्योंकि चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण सवाल सत्ता या विपक्ष का नहीं, मतदाता के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया पर भरोसे का है।

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