रोहित माहेश्वरी
बाराबंकी स्थित श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस लाठीचार्ज में एबीवीपी के छात्र भी घायल हुए, जिसके बाद विरोध तेज हो गया। इस बीच वैâबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक बयान ने हालात और बिगाड़ दिए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उनका आवास घेरकर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इसी बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मैदान में उतर आए। उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोगी बने धन-लोलुप नेताओं को अब यह समझ आ रहा है कि भाजपा केवल इस्तेमाल करना जानती है। पार्टी उनके खजाने को भर सकती है, लेकिन उन्हें सम्मान कभी नहीं देगी। भाजपा की चाल ही यही है पहले इस्तेमाल करो और फिर बर्बाद कर दो।
भाजपा राज
खुलेआम अत्याचार!
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर अन्याय और अत्याचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में अन्याय और उत्पीड़न की पराकाष्ठा हो गई है। निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है, जबकि मॉब लिंचिंग की घटनाओं में खुलेआम हत्याएं हो रही हैं। भाजपा सरकार राजनीतिक लाभ के लिए पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। किसानों, नौजवानों और छात्रों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। अखिलेश यादव ने `एक्स’ पर बाराबंकी में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का वीडियो साझा कर घटना को सरकार की हताशा करार दिया।
`मेरी मां बीच से फाड़ देंगी’
लखनऊ में सपा महिला मोर्चा का विरोध प्रदर्शन उस समय चर्चा में आ गया जब भाजपा विधायक केतकी सिंह की नाबालिग बेटी विभावरी सिंह ने सपा कार्यकर्ताओं को जवाब दिया। दरअसल, विधायक आवास पर सपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता नेहा यादव के नेतृत्व में महिलाएं नल लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचीं। इस दौरान विभावरी सिंह ने तीखे शब्दों में कहा, ‘मेरी मां यहां नहीं हैं, इन्हें लगता है ये १६ साल की लड़की को डरा देंगे। अगर आपने मुझ पर उंगली भी उठाई तो मेरी मां बीच से फाड़ देंगी।’ केतकी सिंह ने हाल ही में अखिलेश यादव पर टोंटी को लेकर टिप्पणी की थी, जिसे अपमानजनक मानते हुए महिला मोर्चा ने यह विरोध दर्ज कराया।
