सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे अब तेज रफ्तार के साथ लापरवाही का भी गवाह बनता जा रहा है। ‘सेल्फी’ और ‘रील’ के जुनून में कुछ लोग अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इस खतरनाक प्रवृत्ति पर महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरर्पोरेशन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि हाई स्पीड ट्रैक पर वाहन रोककर फोटो या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
हाल ही में शुरू हुए ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट के बाद इस मार्ग पर यातायात की रफ्तार और बढ़ गई है। इसके साथ ही केबल-स्टे ब्रिज और सुरंगों के पास वाहन रोककर सेल्फी लेने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। तेज रफ्तार से गुजरते वाहनों के बीच इस तरह की हरकतें गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। एमएसआरडीसी ने पूरे प्रोजेक्ट क्षेत्र में २४ घंटे सीसीटीवी निगरानी लागू कर दी है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय है। महामार्ग पुलिस ने भी सुरक्षा के मद्देनजर गति सीमा निर्धारित की है। सुरंगों में हल्के वाहनों के लिए १०० किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए ८० किमी प्रति घंटा की सीमा लागू है। इसके बावजूद यदि कोई स्टंटबाजी करता है, तो वह सीधे अपनी जान को खतरे में डाल रहा है।
प्रशासन ने स्प्ाष्ट किया है कि एक पल की लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदारी से वाहन चलाएं और नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें।
