-`हे विट्ठल…सीएम को सद्बुद्धि दें’… बच्चू कड़ू ने मांगी मन्नत
सामना संवाददाता / मुंबई
आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर में लाखों श्रद्धालु और वारकरी पहुंचे। वारकरी भावपूर्वक विट्ठल का दर्शन किए। इस बीच पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने भी विट्ठल का दर्शन करते हुए मन्नत मांगी कि हे विट्ठल मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि दो, उनकी जुबान पर किसान कर्जमाफी आए, ऐसा चमत्कार करो। बच्चू कडू ने कहा कि राज्य में किसान आए दिन आत्महत्या कर रहे हैं और हमारी सरकार के मुखिया को इसकी चिंता ही नहीं है।
दरअसल, बच्चू कडू ने किसान कर्जमाफी का मुद्दा उठाया है और कर्जमाफी से पलट चुकी महायुति सरकार की जमकर आलोचना हो रही है। किसानों की कर्जमाफी के लिए बच्चू कडू आंदोलन की भूमिका पर अडिग हैं। इसी बीच आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर बच्चू कडू ने विठुराया से प्रार्थना की कि ‘सरकार को कर्जमाफी देने की सद्बुद्धि दो। बच्चू कडू ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि विट्ठल पिछले ३ महीनों में महाराष्ट्र में ७६७ किसानों ने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। दिन-रात खेतों में मेहनत करके किसान पूरी दुनिया का पेट भरने के लिए अपना पसीना बहाता है, जी-जान से मेहनत करता है। लेकिन आज वही दुनिया का पालनहार किसान भूखे पेट सोने पर मजबूर हो गया है। विट्ठल तेरे दरबार में भक्त की कोई जाति, पंथ, धर्म, रंग नहीं होता, वैसे ही किसान के माथे पर भी सिर्फ ‘किसान’ ही लिखा होता है। इसलिए पांडुरंगा, राजनीति को एक तरफ रखकर सरकार को कर्जमाफी का निर्णय लेने की सद्बुद्धि दें, यही मेरी प्रार्थना है।
किसानों की अभिलाषा
विठ्ठला, हम किसान जाति के लोग हैं। अपनी मेहनत का ही हम खाते हैं। मुफ्त में कुछ मिलने की हमारी कोई अपेक्षा नहीं होती और न ही हमें ऐसा कुछ भाता है। लेकिन मेहनत करके, मिट्टी में पैसा डालकर जो फसल हम उगाते हैं, अगर उसे न्यूनतम बाजार भाव न मिले और प्राकृतिक आपदा से नुकसान हो जाए तो हम किसके सामने मदद की याचना करें? किसके आगे हाथ पैâलाएं?
