मुख्यपृष्ठस्तंभगुड न्यूज : किताबें पढ़ना आज भी पहली पसंद है

गुड न्यूज : किताबें पढ़ना आज भी पहली पसंद है

मकरंद मराठे

डोंबिवली में बुक स्ट्रीट का आयोजन साहित्य प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था, जहां एक ओर आधुनिकता के दौर में पुस्तकालय दम तोड़ रहे हैं और रेलवे स्टेशनों से ऐतिहासिक ए.एच. व्हीलर जैसे बुक स्टॉल गायब हो रहे हैं, वहीं डोंबिवली की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब यह साबित करता है कि पढ़ने की संस्कृति आज भी जीवित है
विश्व पुस्तक दिवस के उपलक्ष्य में पै फ्रेंड्स लाइब्रेरी डोंबिवली के बापूसाहेब फड़के रोड पर पुस्तकवाटा बुक स्ट्रीट का सफल आयोजन किया गया, यह भारत में अपनी तरह का पहला अनूठा प्रयोग है, जो विदेशों की तर्ज पर पिछले तीन वर्षों से आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रदर्शनी में लगभग ७५ हजार पुस्तकें प्रदर्शित की गईं। डोंबिवली, कल्याण, ठाणे और मुंबई से करीब ९ हजार पाठकों ने यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। करीब २५० स्वयंसेवकों ने शनिवार आधी रात से ही सड़क पर पुस्तकों को करीने से सजाने का काम शुरू कर दिया था।
आज के डिजिटल युग में जहां ई बुक्स और सोशल मीडिया ने लोगों का ध्यान भटकाया है। सुबह ५ बजे से ही पाठकों की लंबी कतारें देखना सुखद अनुभव था। यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि पाठकों के लिए हाथ में किताब लेकर पन्ने पलटने का अनुभव आज भी अतुलनीय है। ऐसे आयोजनों से समाज में संवाद और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ती है। जब रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों से किताबों की दुकानें हट रही हैं, तब बुक स्ट्रीट जैसे उपक्रम साहित्य की विरासत को सहेजने का कार्य कर रहे हैं।
पुंडलिक पै और उनकी टीम का यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। यह आयोजन केवल एक सेल या प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गिरती हुई वाचन संस्कृति को दिया गया एक संजीवनी शॉट है, यदि ऐसे प्रयास हर शहर में हों तो किताबों आैर पाठकों का रिश्ता कभी कमजोर नहीं पड़ेगा।

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