-भूमाफियाओं का हाथ होने की संभावना
सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार में अब सरकारी कार्यालय भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। डोबिवली-पश्चिम के महात्मा गांधी रोड स्थित तलाठी कार्यालय के दरवाजे पर लगे ताले को तोड़कर दस्तावेज चुराने का प्रयास किया गया।
बताया जाता है कि दस्तावेज की चोरी करने आए तथाकथित भूमाफियाओं ने जाते समय नए ताले लगा गए। इस मामले की शिकायत तलाठी साझे और मंडल अधिकारी रवींद्र कालूराम जमदरे ने विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
डोंबिवली-पश्चिम के महात्मा गांधी रोड स्थित भावे हॉल में तलाठी और मंडल कार्यालय हैं। डोंबिवली पूर्व-पश्चिम भौगोलिक क्षेत्र के भू-राजस्व दस्तावेज इसी कार्यालय में हैं। डोंबिवली में जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं। ऐसे में जमीन मालिक अपनी एक इंच जमीन भी छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
बताया जाता है कि जब से भू-माफियाओं को इस बात का एहसास हुआ है कि अब जमीन के एक छोटे से टुकड़े पर भी अपनी इच्छानुसार निर्माण नहीं किया जा सकता है। तब से वे तलाठी कार्यालय से जमीन के दस्तावेज प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बता दें कि कभी-कभी जमीन का मालिक एक होता है और कब्जाधारक दूसरा होता है। इस वजह से डोंबिवली शहर में कुछ जमीनों को लेकर विवाद चल रहे हैं।
बताया जाता है कि भू-माफियाओं को विवादित जमीनों के असली दस्तावेज प्राप्त करके उनसे नकली दस्तावेज बनाने की आदत है। वे नकली दस्तावेज से भी खूब पैसा कमाते हैं।
मकसद से की गई चोरी
बताया जाता है कि डोंबिवली में अवैध रूप से बनी ६५ इमारतों का निर्माण भू-माफियाओं ने किसी और के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके और सात-बारह का नकली दस्तावेज बनाकर किया है। चर्चा है कि तलाठी कार्यालय में चोरी भी इसी मकसद से की गई थी।
