गजबे है : उमा सिंह
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा तो मिसाइलों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी तंजों की बौछार शुरू हो गई। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ऐसा ‘न्योता’ दिया कि मामला सुर्खियों में आ गया। सिएरा लियोन स्थित ईरानी दूतावास ने वीडियो और खेल के जरिए अमेरिका को चिढ़ाते हुए संदेश दिया, ‘हबीबी, ईरान आओ न।’ ईरान यहीं नहीं रुका। ट्रंप को ‘अंकल सैम’ कहकर निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका के दबाव का मजाक उड़ाया। संदेश साफ था, तनाव चाहे जितना बढ़े, तेहरान अमेरिकी धमकियों के आगे झुकने के मूड में नहीं है।
दरअसल, होर्मुज में पहले से ही तनाव चरम पर था। अमेरिका ने रविवार को वहां एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट प्रक्षेपकों को निशाना बनाया था। अमेरिकी दावे के मुताबिक, इनका इस्तेमाल जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए किया जा सकता था। ऐसा होने पर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक पर जहाजरानी के लिए बड़ा खतरा खड़ा हो सकता था। ईरान ने भी पलटवार वाले तेवर दिखाए। सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने कहा कि उनका देश युद्ध, कूटनीति और आर्थिक नाकेबंदी, तीनों मोर्चों पर नई रणनीति के साथ मुकाबला करेगा। यानी मामला अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य हमलों तक सीमित नहीं रहा। एक तरफ होर्मुज में बारूदी सुरंगों का डर, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर ‘हबीबी’ वाला ठहाका। ईरान ने ट्रंप को चिढ़ाकर दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की कि अमेरिका के साथ टकराव में तेहरान अभी भी पूरी तरह बेफिक्र अंदाज दिखाने को तैयार है। जंग के बीच यह ‘मीम वार’ भी अब तनाव का नया चेहरा बन गया था।
