– मनपा मुख्यालय के सामने विनय राजभर पर हमला
– पुलिस ने चालक सुनील खरपड़े को हिरासत में लिया
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर के चालक पर एक समाचार चैनल के पत्रकार विनय राजभर के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना ठाणे मनपा मुख्यालय के प्रवेश द्वार के सामने हुई। मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गया। नौपाड़ा पुलिस ने आरोपी चालक सुनील खरपड़े को हिरासत में लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महानगरपालिका परिसर में एबीपी माझा की गाड़ी खड़ी थी। इसी दौरान महापौर का चालक सुनील खरपड़े वहां पहुंचा और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। मौके पर मौजूद वैâमरामैन विनय राजभर और वाहनचालक ने उससे गाली देने का कारण पूछा। आरोप है कि इस सवाल से नाराज होकर खरपड़े ने राजभर का कॉलर पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में कैमरामैन को चोटें आई हैं। घटना के दौरान परिसर में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया। महानगरपालिका मुख्यालय के सामने हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्रकार संघ ने जताया कड़ा विरोध
घटना की खबर सामने आने के बाद ठाणे दैनिक पत्रकार संघ ने कड़ा विरोध जताया है। पत्रकारों के साथ मारपीट को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किए जाने की मांग उठी है। सवाल यह है कि जब सरकारी कार्यालयों के आसपास ही पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
