-‘….बीबी को फिर चुनिए, निराश नहीं करेगी!’
– मनमोहन सिंह
राजनीति का रंगमंच हो और डोनाल्ड ट्रंप तथा बेंजामिन ‘बीबी’ नेतन्याहू की जोड़ी न हो, तो ड्रामा अधूरा सा लगता है। दोनों का रिश्ता बिल्कुल किसी ‘पुराने शादीशुदा जोड़े’ जैसा है। दिन में खटपट, शाम को मान-मनौव्वल! कभी ट्रंप साहब सोशल मीडिया पर गुस्सा निकाल देते हैं, तो कभी खुलकर कहते हैं, ‘बीबी को फिर चुनिए, निराश नहीं करेंगे!’
चाहे जितनी नोकझोंक हो जाए, पर बात कभी ‘तलाक, तलाक, तलाक’ तक नहीं पहुंचती। आखिरकार, पुरानी मुहब्बत और साझा जरूरतें चीज ही ऐसी हैं!
इस खट्टी-मीठी केमिस्ट्री का सबसे मजेदार नजारा तब देखने को मिला जब दोनों के बीच ईरान के मुद्दे पर लगभग घंटे भर लंबी तीखी फोन कॉल हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीबी चाहते थे कि अमेरिका उनके कहने पर तुरंत कड़ा सैन्य एक्शन ले ले। उधर ट्रंप साहब अपनी ही धुन में मग्न थे और डील की बात कर रहे थे। कॉल पर खूब गर्मा-गर्मी हुई, बयानबाजियां हुर्इं, लेकिन आखिर में वही हुआ जो हर नोकझोंक के बाद होता है, गुस्सा ठंडा हुआ और जोड़ी फिर साथ खड़ी नजर आई!
दोनों ही नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं बिल्कुल सातवें आसमान पर हैं। अपने-अपने मुल्क में खुद को ‘सुपरहीरो’ साबित करने के लिए दोनों को एक जैसा फॉर्मूला पसंद है, ‘नेशन फर्स्ट’ का नारा, सरहद पर तनाव और दुनिया भर में अपनी धाक जमाना।
प्यार-तकरार, फायदे का सौदा!
दरअसल, ये प्यार और तकरार का खेल दोनों के लिए फायदे का सौदा है। दुनिया चाहे कुछ भी कहे, जब-जब राजनीति का पारा चढ़ता है, ट्रंप और बीबी की ये जोड़ी अपनी ही धुन बजाती नजर आती है। क्योंकि साहब, जमाना भले बदल जाए, पर राजनीति की इस सीरीज में ड्रामा कभी खत्म नहीं होता!
