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अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बेनकाब … केईएम में मौत के बाद हिंसक विस्फोट!

-गुस्साए परिजनों ने स्टाफ को पीटा
-नर्स हुई गंभीर घायल
सामना संवाददाता / मुंबई
परेल स्थित केईएम अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए और अस्पताल परिसर मानो रणभूमि में बदल गया। आक्रोशित परिजनों ने तांडव मचाते हुए नर्स और सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में एक नर्स गंभीर रूप से घायल हो गई, जिससे अस्पतालों में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा पर फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, १९ वर्षीय गणेश कोनेकर को लीवर की गंभीर बीमारी के चलते केईएम अस्पताल के वार्ड नंबर ४१ में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान मंगलवार तड़के करीब ५ बजे उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजन भड़क उठे और करीब १५ लोगों के समूह ने अस्पताल स्टाफ पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने ड्यूटी पर मौजूद नर्स को निशाना बनाते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई की। साथ ही दो सुरक्षा गार्डों को भी नहीं बख्शा गया। घायल नर्स को तुरंत इलाज के लिए भर्ती करना पड़ा, जहां उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
काम बंद आंदोलन, सड़कों पर उतरा स्टाफ
घटना के बाद अस्पताल की नर्सों और कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया और अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, अस्पताल की सुरक्षा तुरंत बढ़ाई जाए, सुरक्षा गार्डों की संख्या में इजाफा किया जाए और नर्सों के खाली पद भरे जाएं। साथ ही अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए परिजनों के प्रवेश पर सख्ती से नियंत्रण लगाया जाए।
सुरक्षा में चूक या सिस्टम की नाकामी?
कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। उनका कहना है कि मनपा और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी जान खतरे में है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

इतनी बेरहमी से पिटाई की गई कि चेहरा सूज गया। सीसीटीवी में भी सब साफ दिख रहा है। उन्हें भर्ती करना पड़ा, सिटी स्वैâन भी किया गया। अंदरूनी चोट नहीं है, लेकिन बाहरी सूजन और चोटें काफी हैं। अब धीरे-धीरे हालत में सुधार हो रहा है। फिलहाल, वे भर्ती हैं और एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
– संगीता रावत,
डीन, केईएम अस्पताल

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