सुनील ओसवाल / मुंबई
तड़के तीन बजे बजे एक फोन और मुंबई की सुरक्षा मशीनरी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई। रेलवे पुलिस के कंट्रोल रूम में आए इस धमकी भरे कॉल ने शहर में संभावित बड़े हमले की आशंका को जन्म दे दिया है। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को ‘इरफान’ बताते हुए रेलवे स्टेशनों, सैन्य कार्यालयों और प्रमुख होटलों को उड़ाने की धमकी दी। पुलिस के मुताबिक, कॉलर ने सीधे ५ करोड़ रुपये की मांग रखी और सरकार से ‘सीधी बातचीत’ कराने की शर्त भी जोड़ दी। उसने साफ कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कुछ ही सेकंड की बातचीत के बाद कॉल काट दिया गया, लेकिन इस छोटी सी कॉल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। धमकी की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस और मुंबई पुलिस ने तुरंत संयुक्त कार्रवाई शुरू की। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई संभव नहीं होने के कारण पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। रेलवे स्टेशन, सैन्य प्रतिष्ठान, बड़े होटल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अब उस मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच में जुटी है, जिससे कॉल किया गया। कॉल की लोकेशन, सिम कार्ड की डिटेल, और कॉलर की पहचान निकालने के लिए साइबर और इंटेलिजेंस टीमें काम कर रही हैं। यह भी जांचा जा रहा है कि यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है या फिर किसी शरारती तत्व की हरकत।
सूत्रों के मुताबिक, कॉल का समय और उसमें दिए गए टारगेट, दोनों ही इसे संवेदनशील बना रहे हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर संवेदनशील ठिकानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मुंबई पुलिस ने दिलाया भरोसा
मुंबई पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है, क्या महानगर की सुरक्षा व्यवस्था ऐसे खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, या हर धमकी के साथ सिस्टम की परीक्षा और कठिन होती जा रही है?
