अनशन युद्ध

यह तृतीय विश्व युद्ध नहीं
यह व्यावसायिक युद्ध है
पूंजीपतियों का।
जो चल रहा है
विश्व स्तर पर।
और यहां हमारे यहां
जो चल रहा है
अनशन युद्ध यह तैयारी है
दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन की।
जो चलेगी आर्थिक स्वतंत्रता तक।
और लड़ी जाएगी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ
झूठ-फरेब को हटाकर लाई जाएगी
मानवीय व्यवस्था एक दिन।
आ रहे हैं, लोग आ रहे हैं
अपनी अपनी संवेदना लिए
सब खड़े हैं मोर्चे पर
संवेदनहीनों के खिलाफ
अडिग होकर।।

सोचना बंद..
सोचना बंद करके
लोग सोचने लगे हैं
अब क्या सोचें
क्या करें
किससे मिलें
मिलें कि न मिलें
क्या करें।
बस इसी सोच में
बंद कर दिए हैं सोचना
और चाहते हैं
लोग सोचें
उठें
और बताएं
सोचने का फायदा।
बंद रास्ता खोलने के लिए
लोग सोच रहे हैं
अपने मन को
कोंच रहे हैं
विकल होकर।।

 

अभी हैं
अभी बहुत लोग हैं
सब आ रहे हैं
साथ आ रहे हैं
कहीं फंसे हैं
किसी झंझट में।
जाग रहे हैं
हिस्सा मांग रहे हैं
कुछ चल रहे हैं
कुछ चल चुके हैं
कुछ उठ रहे हैं
चलने को और कुछ
कर रहे हैं तैयारी
चलने की।
चिंता मत करो साथियों
अभी भी
बहुत लोग हैं
संवेदनशील
जो आ रहे हैं साथ
उज्जवल भविष्य के
गतिमान होकर।।

-अन्वेषी

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