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बंदूक छूटी तो लोकतंत्र पर वार!

पाक की नापाक हरकत
राजनीतिक चोगे में घाटी को दहलाने की नई आईएसआई साजिश
कश्मीर घाटी में भारतीय सेना के कड़े प्रहार और जीरो टॉलरेंस की नीति से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है। आतंकवाद के मोर्चे पर चारों खाने चित होने के बाद, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अब भारत की संप्रभुता के खिलाफ एक बेहद नापाक और शातिर चाल चली है। सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है कि घाटी में अपनी जमीन खो चुका आतंक का आका अब भारत की सबसे बड़ी ताकत, यानी हमारे लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था में घुसपैठ करने की फिराक में है।
बंदूक छोड़ बैलट की आड़
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, सीधे सैन्य टकराव में मुंह की खाने के बाद आईएसआई ने अपने आतंकियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स को अपनी रणनीति बदलने के निर्देश दिए हैं। इस नए नापाक प्लान के तहत आतंकियों को अब घाटी की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों में शामिल होने को कहा गया है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजरों से बचा जा सके।
इस साजिश के पीछे पाकिस्तान के कई घिनौने मकसद हैं। पहला मकसद नाकेबंदी और तलाशी अभियान के दौरान राजनीतिक पहचान या किसी दल का सफेदपोश चोगा दिखाकर सुरक्षा बलों की आंखों में धूल झोंकना है। दूसरा मकसद राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के नाम पर चंदा इकट्ठा करना और उस पैसे का इस्तेमाल घाटी में फिर से हिंसा भड़काने के लिए करना है। इसके साथ ही, आतंकवादी इस राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर स्थानीय युवाओं को गुमराह करना और उन्हें देश के खिलाफ भड़काना चाहते हैं। हाल के महीनों में पकड़े गए कुछ संदिग्धों ने पूछताछ में कबूल किया है कि वे जानबूझकर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के करीब जा रहे थे, ताकि उनकी राष्ट्रविरोधी गतिविधियां सुरक्षित रूप से चलती रहें।
हाई अलर्ट पर भारतीय खुफिया तंत्र
पाकिस्तान की इस नई चाल ने भारतीय खुफिया तंत्र और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। सुरक्षा अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनीतिक रसूख कितना ही बड़ा क्यों न हो।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब संदिग्धों के सोशल मीडिया हैंडल्स, उनके बैंक खातों और राजनीतिक दलों में शामिल हो रहे नए चेहरों के बैकग्राउंड की बारीकी से जांच कर रही हैं। पाकिस्तान की इस नई चाल को समय रहते भांपकर भारत ने उसकी इस नापाक हरकत को नेस्तनाबूद करने की पूरी तैयारी कर ली है।
विक्टिम कार्ड खेलने की तैयारी
पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का एक और खतरनाक पहलू है। वह दुनिया के सामने यह झूठ बेचना चाहता है कि कश्मीर में आतंकवाद सीमा पार से नहीं, बल्कि एक स्थानीय असंतोष का परिणाम है। इसके लिए आईएसआई उन पुराने और निष्क्रिय हो चुके आतंकी संगठनों को दोबारा जिंदा करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने नब्बे के दशक में कश्मीर को लहूलुहान किया था। खुफिया रडार पर आए इन संगठनों में अल-उमर मुजाहिदीन, अल-बदर और तहरीक-उल-मुजाहिदीन शामिल हैं। इन संगठनों को राजनीतिक आवरण देकर पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत को घेरने और मानवाधिकारों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने का नया प्रोपेगैंडा रच रहा है।

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