सामना संवाददाता / मुंबई
जेएनपीए को पलास्पे और अमरा मार्ग से जोड़ने वाले दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी भारी वाहनों की अवैध पार्किंग बन गई है। इससे यहां से आने-जाने वाले अन्य वाहन चालकों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों को अपनी जान हथेली पर रखकर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे परेशान यात्री पूछ रहे हैं कि इन दोनों सड़कों से जानलेवा पार्किंग कब हटाई जाएगी।
गौरतलब हो कि उरण के एक सामाजिक संगठन की ओर से उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका पर न्यायालय ने २३ मार्च २०१८ के अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जेएनपीए यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगा कि ट्रक (कंटेनर ट्रेलर) राजमार्ग के किनारे खड़े न हों। सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता प्रमोद ठाकुर ने सवाल किया है कि हाई कोर्ट के आदेश का क्या हुआ?
बता दें कि जेएनपीए पोर्ट से आयात-निर्यात माल को ले जाने वाले वाहनों के लिए पार्किंगस्थल बनाए गए हैं, परंतु इनका उपयोग न करते हुए वाहनों को जेएनपीए पोर्ट क्षेत्र और सड़कों पर खड़े किए जा रहे हैं। साथ ही उरण के ग्रामीण इलाकों में माल रखने के लिए सैकड़ों गोदाम अवैध रूप से बनाए गए हैं और यहां आने वाले वाहनों के लिए पार्किंगस्थल न होने के कारण उन वाहनों को भी विभिन्न सड़कों पर पार्क किया जा रहा है। इससे जेएनपीए सहित उरण के ग्रामीण इलाकों में यातायात जाम की समस्या बढ़ गई है। इस वजह से नागरिक गणेशोत्सव के दौरान समय पर घर नहीं पहुंच पाने के कारण अपना रोष व्यक्त कर रहे हैं। इस बीच, जब इस संबंध में जेएनपीए बंदरगाह के सार्वजनिक परिवहन विभाग के अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो संपर्क नहीं हो सका।
