मुख्यपृष्ठस्तंभगजबे है : मार्क भैया आखिर कैसी सरम...!

गजबे है : मार्क भैया आखिर कैसी सरम…!

एम एम एस

लगता है मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग को लगा था कि फेसबुक पर कोई भी बटन दबाकर ‘डिलीट’ का खेल खेला जा सकता है! लेकिन इस बार पाला भारत की संसद की सूचना एवं प्रौद्योगिकी समिति से पड़ा है, जिसने साफ-साफ अल्टीमेटम दे दिया है, ‘३ दिन में बिना शर्त माफी मांगो, वरना कानूनी सुरक्षा (सेफ हार्बर) छीन ली जाएगी’।
पूरा मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो को फेसबुक से करीब ५ घंटे तक हटाए जाने (टेकडाउन) से जुड़ा है। मेटा अधिकारियों ने इसे ‘टेक्निकल खराबी’ बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की, पर संसदीय समिति ने दो टूक कह दिया कि इतने बड़े प्लेटफॉर्म का यह बहाना नहीं चलेगा।
वैसे, मार्क भैया के लिए ‘सॉरी’ बोलना कोई नया काम तो है नहीं। इतिहास गवाह है कि जब-जब उनकी कंपनी से कोई गड़बड़ हुई है, उन्होंने सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़े हैं…
वैंâब्रिज एनालिटिका मामला (२०१८): डेटा लीक विवाद पर अमेरिका की सीनेट (संसद) में खड़े होकर जुकरबर्ग ने पूरी दुनिया के सामने कहा था, ‘यह मेरी गलती थी, घ् aस् ेदrrब्!’
यूजर प्राइवेसी विवाद (२००७ – बीकन फीचर): शुरुआती दौर में ही यूजर्स का डेटा बिना पूछे ट्रैक करने पर उन्हें ब्लॉग पोस्ट लिखकर माफी मांगनी पड़ी थी।
अमेरिकी संसद में ऑनलाइन सेफ्टी सुनवाई (२०२४): सोशल मीडिया से प्रभावित बच्चों के परिवारों के सामने संसद भवन में खड़े होकर उन्होंने माफी मांगी थी।
जब मार्क भैया आप अमेरिकी सीनेट से लेकर आम यूजर्स तक के सामने झट से ‘सॉरी’ बोल देते हैं तो फिर भारतीय संसदीय समिति के ७२ घंटे के अल्टीमेटम पर इतनी शरम और देरी क्यों? मार्क शायद भूल रहे हैं कि उनका पाला नॉन बायोलॉजिकल विश्व गुरु से पड़ा है, जो उनके मालिक के क्लोज मित्र है… माफी न मांगने पर प्रेसिडेंट ट्रंप भी गुस्सा आ सकता है! वैसे वे बड़े दिलवाले हैं, उनका मूड है तो वैसे भी माफ कर देंगे आपको! लेकिन उनकी माफी से जरूरी नहीं की सारा देश आपको माफ कर दे! वैसे सुनने में आ रहा है कि खुद की इतनी छीछालेदर होने के बाद मार्क भैया ने आखिरकार अब माफी मांग ली है। चलो ठीक है, ‘देर आए दुरुस्त आए’।

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