मुख्यपृष्ठनए समाचारमुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर सड़क पर उतरे अधिवक्ता

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर सड़क पर उतरे अधिवक्ता

-आंबेडकर प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन, चुनावी प्रक्रिया और नियुक्ति कानून पर उठाए सवाल
-छात्रों के आंदोलन को दिया समर्थन

राजेश सरकार / प्रयागराज

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में बदलावों के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। अधिवक्ता मंच इलाहाबाद के बैनर तले हाईकोर्ट के पास डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन कर अधिवक्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची से जुड़े विवादित प्रावधानों को वापस लेने, वर्ष 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने विभिन्न मांगों से संबंधित पोस्टर लेकर नारेबाजी की। इसके बाद आयोजित सभा में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची में नाम शामिल करने की व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा उठाया।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल
सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार गौतम ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में फैसले सर्वसम्मति से होने के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से अकेले लिए जाने की बात मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। गौतम ने प्रपत्र-6 में नया बिंदु जोड़ने के फैसले को गैरकानूनी बताते हुए दावा किया कि आयोग द्वारा उसे वापस लिया जाना इस मुद्दे पर उठाई गई आपत्तियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम बाहर किए जाने और उनसे शपथपत्र देने की अपेक्षा किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनके मुताबिक, इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है।
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का उठाया मुद्दा
वरिष्ठ अधिवक्ता कमल कृष्ण राय ने कहा कि लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए न्यायपालिका को प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अपेक्षित हस्तक्षेप नहीं होने के कारण आम नागरिकों, युवाओं और छात्रों को सड़कों पर उतरकर विरोध करना पड़ रहा है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में पूर्व न्यायाधीशों की ओर से लिखे गए पत्रों की भी आलोचना की। राय ने आरोप लगाया कि ऐसे समर्थन से लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
तस्वीर जलाकर जताया विरोध, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीर जलाकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद अधिवक्ता धरना स्थल पहुंचे और वहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा।
सभा को अधिवक्ता हृदयेश यादव, कपिल देव, रमेश कुमार, शमशुल इस्लाम, अब्दुल मतीन, मुश्ताक अहमद, राघवेंद्र यादव, सोहन लाल यादव, अन्नू सिंह, रविन्द्र सिंह, जितेंद्र नायक और राजवेंद्र सिंह समेत अन्य अधिवक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता मंच के सह-संयोजक मोहम्मद सईद सिद्दीकी ने किया।
इस दौरान विनोद कुमार, बुध प्रकाश, प्रद्युम्न, प्रबल प्रताप, सतवेंद्र आजाद, अभिषेक रंजन, अनुराग सिंह, वहाज सिद्दीकी, ऐनुल हक, चार्ली प्रकाश, अशोक कुमार यादव, राय साहेब यादव, सच्चिदानंद, प्रदीप कुमार, नीरज सिंह और अखिलेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

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