मुख्यपृष्ठनए समाचारअमरवीर योद्धाओं की स्मृति में आकाशदीप प्रज्वलन का हुआ शुभारंभ

अमरवीर योद्धाओं की स्मृति में आकाशदीप प्रज्वलन का हुआ शुभारंभ

 उमेश गुप्ता / वाराणसी

1999 कारगिल युद्ध विजय से गंगा सेवा निधि द्वारा अमर शहीदों के पुण्य स्मृति में आकाश दीप संकल्प का विस्तारीकरण कर राष्ट्रीय रूप दिया था। संस्था द्वारा भारत के अमर वीर योद्धाओं की स्मृति में संपूर्ण कार्तिक मास आकाशदीप जलाया जाता हैं, गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद को समर्पित भव्य देव-दीपावली महोत्सव के साथ ही आकाश-दीप का समापन किया जाता है तथा भारत के अमरवीर योद्धाओं को ‘‘भगीरथ शौर्य सम्मान‘‘ से सम्मानित भी किया जाता है।
काशी में सदियों-सदियों से गंगा घाटों पर अपने पूर्वजों की स्मृति में, उनके स्वर्गलोक की यात्रा के मार्ग को आलोकित करने के लिए आकाश-दीप जलाने की परम्परा रही है। आकाश-दीप से जुड़े कथानकों में ऐसी मान्यता है कि महाभारत युद्ध में प्राण विसर्जित करने वाले वीरों की स्मृति में भीष्म ने कार्तिक मास में दीप मालिकाओं से उन्हें संन्तर्पण दिया था।
1999 के कारगिल युद्ध ने गंगा सेवा निधि को इस बात के लिए प्रेरित किया कि अतीत से लेकर आज तक के समस्त वीर योद्धाओं की स्मृति में आकाश-दीप जला कर अपनी भावांजलि दी जाय और इस भाव ने काशी की सदियों पुरानी आकाश-दीप की परंपरा को राष्ट्रवाद से जोड़ दिया है।
मान्यता हैं कार्तिक माह के समान कोई माह हीं नही, सतयुग के समान कोई युग ही नही, वेदों के समान कोई शास्त्र ही नहीं और गंगा के समान दूसरा कोई तीर्थ ही नहीं हैं। और गंगा के घाट पर कार्तिक माह में जलता ये आकाश दीप इस बात का परिचायक है की हमारे शहीदों के प्रति हमारे मन में श्रद्धा की रौशनी कितनी उज्वल है देव-दीपावली महोत्सव पर भगीरथ शौर्य सम्मान से सम्मानित कर शहीदों को नमन किया जाता है।
आकाश दीप कार्यक्रम का प्रारंभ 27 अक्टूबर मंगलवार सायं 5.45 बजे से दशाश्वमेध घाट पर हुआ। आकाश दीप कार्यक्रम का समापन कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर (24 नवम्बर 2026) संस्था द्वारा आयोजित आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद को समर्पित भव्य देव-दीपावली महोत्सव में भगीरथ शौर्य सम्मान से सम्मानित किया जायेगा।
कार्यक्रम का प्रारम्भ गणपति वंदना व देश भक्ति गीत से हुआ। गंगा सेवा निधि के संस्थापक स्मृतिशेष पं. सत्येंद्र मिश्र को श्रद्धा सुमन अर्पित कर के किया गया। इस अवसर पर गंगा सेवा निधि के सुशांत मिश्र, अध्यक्ष, पंकज अग्रवाल, उपाध्यक्ष, पं. इंदूशेखर शर्मा, संरक्षक, सुरजीत सिंह, सचिव एवं समस्त सदस्य ने अमर वीरों को नमन करे हुए एवं अतिथि वृंद का स्वागत किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य रूप सें उपस्थित मुख्य अतिथि के रूप में अशोक तिवारी, महापौर, वाराणसी विशिष्ट अतिथि महंत शंकर पुरी जी, अन्नपूर्णा मठ मंदिर एवं कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में ब्रिगेडियर उमेश ए. परब उपस्थित थे।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रो. रेवती साकलकर एवं तबला पर संगीत कुमार एवं हारमोनियम पंकज मिश्र ने प्रस्तुति देकर शहीदों को नमन किया।

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