-भाजपा विधायक का सनसनीखेज आरोप…दस वर्षों से नहीं हुआ है ऑडिट
सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे मनपा के विभिन्न विभागों का हर साल ऑडिट होता है। लेकिन मनपा के रियल इस्टेट विभाग का पिछले दस वर्षों में ऑडिट नहीं हुआ है। इस विभाग के नियंत्रण में आने वाले फ्लैट, व्यावसायिक भवन और भूमि जैसी प्रॉपर्टियों के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई है। इसके आलवा इस आवंटन में भारी पैमाने पर वित्तीय घोटाला किया गया है, ऐसा गंभीर आरोप भाजपा विधायक संजय केलकर ने लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस संदर्भ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत करेंगे और इस विभाग की विशेष ऑडिट कराने की मांग करेंगे।
करोड़ों रुपए की वित्तीय हेराफेरी
उन्होंने कहा कि मनपा के रियल इस्टेट विभाग के अधीन आने वाली कई प्रॉपर्टियां तीसरे पक्ष को या फर्जी लाभार्थियों को दे दी गई हैं, जिसमें करोड़ों रुपए की वित्तीय हेराफेरी होने की संभावना है। केलकर ने आरोप लगाया है कि संबंधित मामले में विभाग प्रमुखों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुमोदन, हस्ताक्षर के साथ-साथ लेखा रिकॉर्ड मौजूद नहीं हैं। इतना ही नहीं मूल प्रॉपर्टी रजिस्टर, वितरण के आदेश और किराया समझौते आदि के भी रिकार्ड मौजूद नहीं हैं। यही कारण है कि पिछले दस सालों से ऑडिट को जानबूझकर टाला जा रहा है।
जानबूझकर टाला गया ऑडिट
स्थानीय निधि लेखा परीक्षा निदेशालय (डीएफए) द्वारा २०१५-१६ से २०१७-१८ तक किए गए निरीक्षण से भी पता चलता है कि रियल इस्टेट विभाग के ऑडिट को जानबूझकर टाला गया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत करेंगे और इस विभाग का विशेष ऑडिट कराने की मांग करेंगे।
