राजेश सरकार / प्रयागराज
एटीएम की कैश ट्रे में प्लास्टिक की दफ्ती फंसाकर रकम उड़ाने वाले गिरोह का सिविल लाइंस पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने प्रतापगढ़ के लीलापुर निवासी तोएफ खां उर्फ शोएब उर्फ मियां (23) को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 28 एटीएम कार्ड, नौ फर्जी हेल्पलाइन नंबर वाले विजिटिंग कार्ड, तीन प्लास्टिक की दफ्तियां, दो मोबाइल फोन, प्लास और पेचकस बरामद हुए हैं। वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एटीएम की कैश ट्रे में खास आकार की प्लास्टिक की दफ्ती फंसा देता था। ग्राहक जब रुपये निकालता तो खाते से रकम कट जाती, लेकिन नोट बाहर नहीं निकलते थे। इसके बाद आरोपी एटीएम केबिन में एसबीआई के नाम और फर्जी हेल्पलाइन नंबर वाले विजिटिंग कार्ड रख देता था।
परेशान ग्राहक विजिटिंग कार्ड पर दिए नंबर पर फोन करता तो गिरोह का सदस्य खुद को बैंक अधिकारी बताकर उसे भरोसे में लेता और दूसरे एटीएम पर गार्ड के साथ जाने की सलाह देता। ग्राहक के एटीएम से बाहर निकलते ही आरोपी वापस पहुंचता, दफ्ती निकालकर कैश ट्रे में फंसी रकम समेट लेता और फरार हो जाता।
कार्ड बदलकर ऑनलाइन खरीदारी भी
गिरोह का सदस्य केवल एटीएम में फंसी नकदी पर ही हाथ साफ नहीं करता था, बल्कि ग्राहकों के एटीएम कार्ड बदलकर भी ठगी करता था। बदले गए कार्डों का इस्तेमाल ऑनलाइन खरीदारी में किया जाता था। पूछताछ में आरोपी ने कुछ महीने पहले तेलंगाना में भी इसी तरीके से वारदात करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के मुताबिक, तोएफ वर्ष 2025 में फतेहपुर के थरियांव में हुई नौ लाख रुपये की लूट के मामले में तीन साथियों के साथ जेल जा चुका है। उस मामले में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
थाना प्रभारी रामाश्रय यादव के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने प्रयागराज समेत दूसरे राज्यों में कितने एटीएम को निशाना बनाया है।
