घंटों की लाइन और इलाज के लिए तड़पते मरीज
द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई की लगातार बढ़ती आबादी और अस्पतालों में इलाज के लिए उमड़ती मरीजों की भारी भीड़ के बीच मनपा का हेल्थ इन्प्रâास्ट्रक्चर पूरी तरह हांफता हुआ नजर आ रहा है। मनपा के अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़े मुंबईकरों के लिए राहत कम और चिंता ज्यादा पैदा करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, मनपा के पास वर्तमान में १४,६५३ अस्पताल बेड हैं, और नए अस्पतालों के चालू होने के बाद इसमें ४,५५६ बिस्तर और जोड़े जाएंगे। कागजों पर यह आंकड़ा भले ही बड़ा दिखे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मुंबई की करोड़ों की आबादी और रोजाना अस्पतालों का रुख करने वाले लाखों मरीजों की तुलना में यह संख्या बेहद मामूली है।
हाल ही में सामना संवाददाता ने इस बात का खुलासा किया था कि किस तरीके से मुंबई के नायर अस्पताल में एक बेड पर दो मरीज का इलाज और साथ ही अस्पताल के फर्श पर मरीज को सुलाया गया था। मनपा अस्पतालों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है।
हकीकत बेड की मारामारी और मरीजों की बेबसी
मुंबई और आस-पास के इलाकों से आने वाले मरीजों के भारी बोझ के कारण वर्तमान में उपलब्ध १४,६५३ बेड पूरी तरह नाकाफी साबित हो रहे हैं। अस्पतालों के जनरल वार्ड से लेकर आईसीयू तक के लिए मरीजों को हफ्तों लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। प्रस्तावित ४,५५६ बेड भी नाकाफी साबित होगा, क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मनपा जिन नए ४,५५६ बेड को जोड़ने की बात कर रही है, वे भी भविष्य की मांग को पूरा करने में असमर्थ रहेंगे। जब तक ये नए अस्पताल पूरी तरह चालू होंगे, तब तक मरीजों की तादाद कई गुना और बढ़ चुकी होगी।
