सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय निवासियों में आक्रोश
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई मनपा ने विक्रोली स्थित टैगोर नगर १ स्कूल को लगभग २.५ किलोमीटर दूर कन्नमवार नगर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। यह स्कूल सी २ श्रेणी (बड़ी मरम्मत की आवश्यकता) में आता है। हालांकि, इस कदम का अभिभावकों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया है। उनका आरोप है कि इस कदम से न केवल छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा, बल्कि इससे भारी असुविधा भी होगी।
अभिभावकों का कहना है कि छात्रों को इतनी दूर के स्कूल में स्थानांतरित करने का निर्णय अनुचित है। शिक्षा कार्यकर्ता डॉ. राहुल गायकवाड़ ने इलाके में स्कूल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यहां के ज्यादातर परिवार दिहाड़ी मजदूर हैं। अगर एक ही परिवार के दो बच्चों को रोज कन्नमवार नगर जाना पड़े तो अभिभावकों को लगभग २०० रुपए परिवहन पर खर्च करने पड़ेंगे, जो उनके लिए वहन करने योग्य नहीं है। स्कूल ने दशकों से शिक्षा का उच्चस्तर बनाए रखा है और कोई भी अभिभावक इसे छोड़ना नहीं चाहता।
गौरतलब है कि १९६३ में निर्मित टैगोर नगर स्कूल परिसर में मराठी, हिंदी, गुजराती, कन्नड़ और उर्दू माध्यमों में पांच स्कूल हैं। यहां कक्षा १ से १० तक लगभग १,५०० छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। यह स्कूल टैगोर नगर १ से ५ और सूर्य नगर जैसे आस-पास के इलाकों के परिवारों के लिए एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है, जहां कई पहली पीढ़ी के छात्र अपने बच्चों को भेजते हैं।
छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंतित
अभिभावक नए स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं। उन्हें डर है कि इस कदम से स्कूल छोड़ने वालों की दर बढ़ जाएगी। अगर स्कूल को इतनी दूर स्थानांतरित किया गया तो कई बच्चे स्कूल छोड़ देंगे। नागरिकों का कहना है कि मनपा उनके क्षेत्र में वैकल्पिक व्यवस्थाएं खोजें, ताकि छात्र बिना किसी परेशानी के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
स्कूल की इमारत सी २ श्रेणी में वर्गीकृत
यह विवाद जून में तब शुरू हुआ, जब मनपा ने टैगोर नगर स्कूल की इमारत को सी २ श्रेणी में वर्गीकृत करते हुए एक नोटिस जारी किया। पिछले सप्ताह एक नए नोटिस में स्कूल को परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया, ताकि इमारत को गिराकर फिर से बनाया जा सके। हालांकि, अभिभावकों का तर्क है कि स्कूल का २०१९ में नवीनीकरण किया गया था और इससे तत्काल कोई खतरा नहीं है।
