मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड: चीन-रूस ने भर दिया ईरान का जखीरा!

मुस्लिम वर्ल्ड: चीन-रूस ने भर दिया ईरान का जखीरा!

सूफी खान

अब चाहकर भी नहीं टलेगी जंग

ईरान और अमेरिका के बीच खुली जंग चाहकर भी नहीं टाली जा सकती, युद्ध फिर होकर रहेगा। जी हां, ईरान की फौज की तरफ से ऐसे बयान आने लगे हैं। इसकी वजह भी है, क्योंकि डील के लिए ट्रंप का प्रस्ताव ही कुछ ऐसा है कि बात बनना मुश्किल है। यही वजह है कि ईरान ने जंग के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार भी कर लिया है। सबसे बड़ी वजह तो यही है कि अमेरिका ईरान से सरेंडर करवाना चाहता है और ये तय है कि ईरान की जनता अपने मुल्क को सरेंडर होने नहीं देगी।
मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि भले ही ट्रंप डील के लिए कितना भी उत्साह या जल्दबाजी दिखा रहे हों, लेकिन हकीकत की जमीन पर ईरान और वॉशिंगटन के बीच चल रही बातचीत रुकती हुई दिखाई दे रही है। ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान खातम अल-अंबिया के नायब मोहम्मद जाफर असदी ने कहा, ‘अमेरिका हमसे पूरी तरह आत्मसमर्पण करने की मांग कर रहा है, लेकिन ईरानी जनता कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगी।’ एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरान के दावों और तैयारियों से लग रहा है कि उसके पास अभी भी ऐसी ताकत और योजनाएं हैं, जिन्हें उसने दुनिया के सामने नहीं रखा है। ईरान ने अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। बताया जाता कि ४० दिनों की जंग में ईरान ने अपने हथियारों के जखीरे का सिर्फ १५ पर्सेंट ही इस्तेमाल किया था। असली चीजें तो अब भी पहाड़ों की गहराई में कहीं बंद हैं। जिन्हें जरूरत पड़ने पर निकाला जाएगा। इतना ही नहीं, सीजफायर के दौरान ही ईरान ने अपने हथियारों के नुकसान की भरपाई भी कर ली है। ईरान के पास एक दिन में ही एक से ज्यादा मिसाइल बनाने की क्षमता है। ईरान-अमेरिका जंग भड़कने की आशंका इसलिए भी है क्योंकि ट्रंप ने अपना प्रस्ताव होर्मुज को पूरी तरह खोलने के मकसद से तैयार किया गया है। ट्रंप के अनुसार, कुछ मुद्दों पर अभी भी सहमति बनना बाकी है। ईरान होर्मुज को अपने कंट्रोल में रखेगा और वो होर्मुज पर पहले जैसी स्थिति नहीं आने देगा। यही जिद जंग की वजह भी बनेगी।
अपनी चीन यात्रा से लौटकर अपने बयान में अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप ने बयान दिया कि उन्होंने चीन से कहा है कि वो ईरान का सपोर्ट ना करे और ना ही उसे हथियार दे। चीन ने मुझसे वादा किया है। ट्रंप के इस बयान पर चीन की तरफ से चुप्पी साध ली गई। यानी चीन ने ना तो इस पर कोई टिप्पणी की और ना ही खंडन किया। ना सिर्फ चीन बल्कि ईरान का एक और भरोसेमंद दोस्त रूस भी इस बार डटकर ईरान के साथ खड़ा हो गया है। यही वजह है कि सीजफायर के बीच ईरान ने किसी भी होनेवाली जंग के लिए खुद को मुस्तैदी से तैयार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि ईरान के पास इस वक्त हजारों की संख्या में ड्रोन हैं। इसके अलावा, ईरान ने जमीन के नीचे मौजूद अपने ५० लॉन्चरों को फिर से सक्रिय कर लिया है। इनके जरिए उसे एक साथ १,००० मिसाइलें दागने की सलाहियत हासिल हो गई है। सोचिए एक साथ एक हजार मिसाइलें ईरान। ईरान के पास करीब २,१०० मिसाइलें होने की बात कही जा रही है यानी रूस और चीन की मदद से उसने बेहद कम वक्त में खुद को रीस्टोर कर लिया है।

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