मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड: इजरायल के पीछे पड़ गया ईरान!

मुस्लिम वर्ल्ड: इजरायल के पीछे पड़ गया ईरान!

सूफी खान

अब कुवैत, बहरीन में घुस जाएगा?

जो नुकसान हो रहा है उसे बर्दाश्त करो और किसी भी तरह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी अड्डे तबाह करते जाओ, क्यों कि अमेरिका अड्डे ही इजरायल की ढाल हैं। ईरान के एक्शन देखकर लग रहा है कि वो कुछ इसी रणनीति पर बढ़ रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट और ईरान मामलों के जानकार ये भी कहते हैं कि अगर अमेरिका ईरान की जमीन पर उतरने का माहौल बना रहा है, जिसमें उसके सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खर्ग आयलैंड पर फौजें उतारने का प्लान शामिल रहा है। लेकिन अगर अमेरिका ने ऐसा किया तो ईरान बहरीन और कुवैत में घुस जाएगा। जी हां, कुवैत और बहरीन की जमीन पर उतर जाएगा।
मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट कहते हैं कि दरअसल ईरान का मकसद बहरीन या कुवैत देशों पर कब्जा करना नहीं बल्कि वहां पर मौजूद अमेरिका के अ़ड्डों को पूरी तरह तबाह करके फिर अपनी आर्मी उतार कर उन पर पूरा कंट्रोल हासिल कर लेना हो सकता है। ईरान जानता है कि सारा खेल वहीं से चल रहा है। अब ईरान का एक ही लक्ष्य है वो ये कि मिडिल ईस्ट से अमेरिका के सारे बेस खाली कराए जाएं। यही अरब मुल्कों में अमेरिका की ८-१० लेयर हैं जो इजरायल पर ईरान के अटैक को रोकती हैं। ईरान उनके पीछे पड़ गया है।
ईरान मामलों के जानकार मानते हैं कि ईरान ये समझ चुका है कि इस बार अगर अमेरिका को खित्ते में छोड़ दिया तो अरब देशों की मदद से वो और मजबूत हो जाएगा। ईरान के खिलाफ सब कुछ इन्हीं अमेरिकी अड्डों से चल रहा है और यही अड्डे ईरान के सबसे बड़े दुश्मन और इजरायल की शील्ड हैं। अमेरिका ने ये सारी व्यवस्था सिर्फ और सिर्फ इजरायल को बचाने के लिए लगाई है। जब अरब देश पिटते हैं तो अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ता। वो सिर्फ इजरायल की सुरक्षा पर फोकस करता है। मीडिया रिपोर्ट तो इस चर्चा का भी हवाला देती हैं कि अगर ईरान अमेरिकी अड्डों को नाबूद करने में कामयाब हो गया तो फिर ईरान, हिजबुल्लाह, हूती सब मिलकर इजरायल पर हमला कर सकते हैं। ऐसे में अगर अमेरिका उसकी जमीन पर उतरा तो वो कुवैत और बहरीन की जमीन पर उतर जाएगा, क्यों कि कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, कतर, यूएई और ओमान के साथ ईरान की समुद्री सीमाएं हैं।

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