मनमोहन सिंह
ओडिशा के मयूरभंज जिले में नुआगांव के लोगों को जब काफी दिनों तक सोनाली दलाई और सुमती दलाई नजर नहीं आईं तो उन्होंने सोनाली के पति देवाशीष पात्रा से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन वह कोई सही जवाब दे नहीं पाया। कुछ गांववालों को उसकी हरकतों पर शक भी हुआ। उनकी नजर उसके घर के पीछे लगे केलों के पेड़ों पर भी गई, लेकिन वे ऐसे लग रहे थे कि मानों उन्हें उखाड़कर फिर से लगाया गया है। उन्होंने इस बात की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में की। पुलिस की जांच में दिल दहला देने वाला खौफनाक सच सामने आया। उन केले के पेड़ों के नीचे दो डेड बॉडीज थीं।
क्या है पूरा मामला?
१९ जुलाई को आरोपी देवाशीष पात्रा ने अपनी पत्नी सोनाली दलाई (२३) और सास सुमती दलाई (५५) की पत्थर से वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने घर के पीछे एक गड्ढा खोदकर दोनों शवों को उसमें डाल दिया और ऊपर केले के पेड़ लगाकर अपराध छुपाने की कोशिश की।
गांववालों को कैसे हुआ शक?
गांव के लोगों ने देखा कि देवाशीष के घर के बगीचे की मिट्टी हाल ही में खोदी गई लग रही है। सोनाली की लगातार गैरमौजूदगी और यह अजीब हरकत देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घर की तलाशी ली और घर के पीछे हुई खुदाई के दौरान गड्ढे से दोनों महिलाओं के शव बरामद हुए।
सोनाली थी दूसरी बीवी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी देवाशीष की पहले शादी एक हेल्थकेयर वर्कर से हुई थी और इस समय वह अपनी पहली पत्नी के साथ कानूनी विवाद में उलझा हुआ है। सोनाली से उसने २ साल पहले दूसरी शादी की थी। पुलिस को शक है कि लंबे समय से चल रहे घरेलू तनाव की वजह से यह डबल मर्डर हुआ।
पुलिस ने क्या कहा?
अतिरिक्त एसपी दीपक कुमार गोछायत के मुताबिक, जब देवाशीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि उसके घर के पीछे उसने एक गड्ढा खोदकर सोनाली और उसकी मां की लाशें उसमें दफना दिया। आरोपी देवाशीष को वापस हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
इस वारदात ने नुआगांव समेत पूरे कुलिआणा क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। गांववाले इस खौफनाक अपराध को सुनकर सन्न हैं और सभी के बीच यह सवाल है कि घरेलू कलह किस हद तक पहुंच सकता है। इसका हल यह भी हो सकता है कि यदि समय रहते मामले को सुलझाने की कोशिश की जाए तो शायद इतना खौफनाक मामला अंजाम न ले पाए।
