उमेश गुप्ता / वाराणसी
बीएचयू परिसर में बिना अनुमति 33 पेड़ों की कटाई के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को 2.65 करोड़ रुपये की पर्यावरणीय क्षति वसूलने के निर्देश दिए हैं। यह धनराशि तीन महीने के भीतर वसूली जाएगी। गुरुवार को आदेश अपलोड किया गया। अधिकरण ने पूर्व में दिए गए आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह निर्देश जारी किया।
यह मामला बीएचयू विधि संकाय के पूर्व छात्र एवं अधिवक्ता सौरभ तिवारी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में दुर्लभ सफेद चंदन समेत विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों की बिना वैधानिक अनुमति कटाई का आरोप लगाते हुए एनजीटी का दरवाजा खटखटाया था।
एनजीटी द्वारा गठित संयुक्त जांच समिति ने अपनी जांच में पाया था कि विश्वविद्यालय परिसर में 33 पेड़ों की अवैध कटाई हुई थी। इनमें 26 सामान्य प्रजाति के पेड़ और 7 सफेद चंदन के पेड़ शामिल थे। कटे हुए पेड़ों में आम, महुआ, गुलमोहर, कटहल, सागौन और सफेद चंदन जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां शामिल थीं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी ने 11 अगस्त 2025 को आदेश दिया था कि प्रत्येक कटे हुए पेड़ के बदले कम से कम 20 पौधे लगाए जाएं तथा पर्यावरणीय क्षति की भरपाई के लिए निर्धारित राशि वसूली जाए।
