मुख्यपृष्ठस्तंभअब पर्यावरण कार्यकर्ताओं पर टिप्पणी!.. फिर नए विवाद का जन्म!

अब पर्यावरण कार्यकर्ताओं पर टिप्पणी!.. फिर नए विवाद का जन्म!

अरुण कुमार गुप्ता

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की युवाओं को लेकर की गई कॉकरोच वाली टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर अभियान खड़ा कर दिया है। पूरा देश इस बात पर चर्चा कर रहा है। इसी बीच जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ द्वारा पर्यावरण कार्यकर्ताओं को लेकर की गई टिप्पणी पर भी विवाद शुरू हो गया है।
इस मामले को लेकर कई वरिष्ठ वकील, कानून के छात्रों, पूर्व सिविल सेवकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखा है। पूर्व अधिकारियों समेत अन्य लोगों द्वारा लिखे गए इस खुले पत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश से मांग की गई है कि वह पर्यावरण कार्यकर्ताओं को लेकर की गई अपनी टिप्पणी को वापस लें। पत्र में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई इन टिप्पणियों से यह समझा जा सकता है कि पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा लगाई जाने वाली जनहित याचिकाएं केवल विकास विरोधी हैं। कोर्ट द्वारा की गई यह टिप्पणी चिंताजनक और संभावित रूप से खतरनाक है।
पूर्व अधिकारियों ने जताई चिंता
इतना ही नहीं इसी मामले को लेकर शुक्रवार को पूर्व अधिकारियों के एक समूह ने अलग अपना बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण कार्यकर्ताओं को लेकर मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी से समाज में गलत संदेश जाता है। इससे लोगों को यह लग सकता है कि यह कार्यकर्ता विकास में बाधा डालते हैं, यह समाज के ऊपर बुरा असर डालेगा। देश की सबसे बड़ी न्यायिक संस्था से ऐसा बयान आना चिंताजनक है।

अन्य समाचार