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न्यूक्लियर फैमिली से बढ़ रहा डिप्रेशन!

-सोनम की जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

-आज की पीढ़ी हमसे ज्यादा जानकार हो सकती है, लेकिन दबाव से निपटने के मामले में ज्यादा कमजोर है। वह हर समस्या का तुरंत समाधान चाहती है।

-संयुक्त परिवार में रहने से लोग निराशा और परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाना सीखते हैं, जबकि न्यूक्लियर पैâमिली में छोटी-छोटी बातों पर लोग परेशान हो जाते हैं।

मेघालय हनीमून हत्याकांड की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केवल कानूनी पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक ढांचे पर भी गंभीर चिंता जताई। अदालत ने टिप्पणी की कि संयुक्त परिवारों के टूटने और एकल परिवारों के बढ़ते चलन ने वैवाहिक रिश्तों पर गहरा असर डाला है। पहले घर के बड़े-बुजुर्ग पति-पत्नी के बीच होने वाले मतभेदों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे, लेकिन अब दंपति अकेले रह जाते है। जिससे तनाव, अवसाद और रिश्तों में दरार की आशंका बढ़ जाती है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (एसजी) ने भी कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया ने लोगों को भले ही दुनिया से जोड़ दिया हो, लेकिन मानसिक रूप से युवा पहले से अधिक असुरक्षित और तनावग्रस्त हो गए हैं। इसका सीधा असर पारिवारिक जीवन और वैवाहिक संबंधों पर दिखाई दे रहा है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को बड़ा झटका देते हुए उसकी जमानत रद्द कर दी। अदालत ने उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। कोर्ट का यह पैâसला साफ संदेश देता है कि गंभीर अपराधों में कानून के साथ कोई समझौता नहीं होगा। सवाल केवल एक हत्याकांड का नहीं है, बल्कि उस बदलते समाज का भी है जहां रिश्तों में संवाद की जगह दूरी, भरोसे की जगह शक और परिवार की जगह अकेलापन बढ़ता जा रहा है। आधुनिक जीवनशैली, सोशल मीडिया की लत और संयुक्त परिवारों के विघटन ने सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है। यदि समय रहते रिश्तों में संवाद, परिवार का सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ऐसी घटनाएं समाज के लिए और भी बड़ी चेतावनी बन सकती हैं।
सोनम को फिर जाना होगा जेल
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने उसकी जमानत रद्द कर दी है और तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस पैâसले के साथ ही बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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