अनिल मिश्र / पटना
ऐतिहासिक, पौराणिक, अध्यात्मिक एवं महात्मा बुद्ध के ज्ञान स्थली के नाम से मशहूर बिहार के बोधगया से पच्चीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) पंचानपुर के संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) द्वारा ‘नवप्रवर्तन 2026’ के अंतर्गत पाँच वर्षीय एकीकृत स्नातक–स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए “कृत्रिम बुद्धिमत्ता में स्टार्टअप के अवसर” विषय पर एक अभिमुखीकरण सत्र का आयोजन किया गया। विवेकानंद व्याख्यान परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराना तथा उन्हें नए विचारों और उद्यमशीलता के अवसरों की ओर प्रेरित करना था।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मिथिला एंजेल नेटवर्क (एमएएन) के संस्थापक, स्टार्टअप मार्गदर्शक एवं निवेशक श्री अरविंद झा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र गति से विकसित होते क्षेत्र तथा इससे जुड़े स्टार्टअप अवसरों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। श्री झा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीकी विषय तक सीमित नहीं है, बल्कि कला सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों के लिए भी इसके व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को दैनिक जीवन एवं कार्यों से जोड़ते हुए दूरभाष वार्ता, ई-मेल, समस्या-समाधान तथा विभिन्न कार्यों के स्वचालन जैसे उदाहरणों के माध्यम से इसकी उपयोगिता और संभावनाओं को समझाया।उन्होंने रोबोटिक्स, छवि, फिल्म एवं पोस्टर निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रयोग पर भी प्रकाश डाला। श्री झा ने बिहार प्रदेश में बोली जाने वाली मैथिली, भोजपुरी, अंगिका, बज्जिका, मगही और कैथी जैसी भाषाओं एवं लिपियों के लिए डिजिटल तकनीक के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।इस बीच उन्होंने कैथी लिपि के डिजिटलीकरण, प्रकाशीय वर्ण पहचान (ओसीआर) तथा वृहत् भाषा मॉडल (एलएलएम) के विकास की संभावनाओं का उल्लेख किया।इस संबंध में दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी)के जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि
इस अवसर पर संस्थान नवाचार परिषद, सीयूएसबी के अध्यक्ष प्रो. वेंकटेश सिंह ने विद्यार्थियों को संस्थान नवाचार परिषद के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने परिषद की कार्यप्रणाली, इसकी रूपरेखा तथा विभिन्न समितियों एवं उनके द्वारा संचालित गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। प्रो. सिंह ने बताया कि संस्थान नवाचार परिषद विश्वविद्यालय स्तर पर एक शोध पत्रिका आरंभ करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. शांतिगोपाल ने विद्यार्थियों से संस्थान नवाचार परिषद की भूमिका एवं गतिविधियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी रचनात्मक एवं नवाचारी हैं और उनके पास अनेक नए एवं अनूठे विचार होते हैं। आवश्यकता केवल इन विचारों को सही दिशा एवं उचित मार्गदर्शन प्रदान करने की है। डॉ. शांतिगोपाल ने विद्यार्थियों से अपने नवाचार संबंधी विचारों पर गंभीरता से कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि संस्थान नवाचार परिषद, सीयूएसबी उनकी इस यात्रा में सहयोगी की भूमिका निभाएगा । इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार एवं उद्यमिता के बदलते परिदृश्य को समझने तथा अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक एवं उद्यमशील अवसरों से जोड़ने के लिए एक उपयोगी मंच प्रदान किया।
