राजेश सरकार / प्रयागराज
गंगानगर जोन के झूंसी में बुधवार तड़के दर्दनाक सड़क हादसे में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक से जा रहे कैलाश नाथ मिश्रा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल कैलाश नाथ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वह अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भाग रही हरी धनिया से लदी महिंद्रा पिकअप को घेराबंदी कर रोक लिया। मृतक के बेटे और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि मौके पर मौजूद यातायात पुलिस का एक सिपाही घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने के बजाय पिकअप में सवार दूसरे व्यक्ति से वाहन हटाने और रास्ता खाली करने के लिए कहता रहा।
आरोप है कि सिपाही की कथित शह का फायदा उठाकर पिकअप का चालक मौके से फरार हो गया। इसके बाद वाहन में सवार दूसरे व्यक्ति ने चालक की सीट संभालकर पिकअप भगाने की कोशिश की। पुलिस की कथित लापरवाही से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थिति बिगड़ती देख झूंसी थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित भीड़ और न्याय की मांग पर अड़े परिजनों को समझाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। परिजनों ने झूंसी थाना प्रभारी का वीडियो बनाकर कैमरे के सामने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन लिया। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ड्यूटी पर जाने के लिए निकले थे कैलाश नाथ
कैलाश नाथ मिश्रा मूल रूप से थरवई थाना क्षेत्र के फैजूल्लापुर, हेतापट्टी के रहने वाले थे। वह नैनी की एक कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। बुधवार भोर में उनका बड़ा बेटा उन्हें बाइक से झूंसी पुलिया तक छोड़ने आया था। कैलाश नाथ ने बेटे से कहा था कि वह घर लौट जाए, वह वहां से ऑटो लेकर ड्यूटी पर चले जाएंगे।
इसके बाद जैसे ही कैलाश नाथ सड़क पार करने लगे, दारागंज की ओर से तेज रफ्तार में आ रही पिकअप ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह उछलकर सड़क पर जा गिरे। सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कैलाश नाथ परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, हादसे के बाद पुलिस की कथित भूमिका को लेकर भी लोगों में आक्रोश है।
