मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन: नेमार की २८६ हीरे जड़ित घड़ी

आउट ऑफ पवेलियन: नेमार की २८६ हीरे जड़ित घड़ी

अमिताभ श्रीवास्तव

-स्टार खिलाड़ी नेमार जो जापान से पहले के मैच में मैदान पर उतरे थे, उनको घड़ियों का बहुत शौक है।

-वह इस बात से डिप्रेशन में थीं कि उनके पूर्व कोच शेफील्ड यूनाइटेड में शामिल हो रहे थे।

ब्राजील ने जापान को हराकर अंतिम १६ में स्थान बना लिया है। उसके स्टार खिलाड़ी नेमार जो जापान से पहले के मैच में मैदान पर उतरे थे, उनको घड़ियों का बहुत शौक है। अपनी पिंडलियों से परेशान नेमार टीम के साथ आए तो थे मगर मैदान पर उतरने लायक नहीं थे, ऐसे में जब वो प्रâी रहे तो एक नई घड़ी खरीदी। एक मिलियन डॉलर खर्च करके नेमार ने यह घड़ी खरीदी है जो उनके शौक और विश्वकप में अपने अनोखे व्यवहार की प्रतीक भी बन गई है। नेमार ने एस्ट्रोनोमिया ड्रैगन एंड टाइगर घड़ी पहने हुए अपनी तस्वीरें पोस्ट की हैं, जो सफेद सोने से बनी है और इसमें २८६ हीरे जड़े हैं। इस डिजाइन में हाथ से तराशे गए ड्रैगन और बाघ के साथ-साथ नीलम और पन्ना से बने ग्रहों के चित्र भी शामिल हैं। नेमार ने अमेरिकी जौहरी और घड़ीकार जैकब अराबो से सीधे इसे खरीदने के लिए मोटी रकम खर्च की। इससे उनके पहले से ही मौजूद बेतुके टाइमपीस के संग्रह में और इजाफा हो गया, जिसकी कीमत अब ६ मिलियन पाउंड (८ मिलियन डॉलर) से अधिक बताई जा रही है। इनमें रिचर्ड मिल आरएम ६८-०१ सिरिल कोंगो का एक लिमिटेड एडिशन भी शामिल है, जिसकी केवल ३० प्रतियां ही मौजूद हैं और जिसकी कीमत अकेले ही १.६ मिलियन पाउंड है। उनके पास आधा दर्जन ऐसी घड़ियां भी हैं, जिनकी कीमत २,००,००० पाउंड से अधिक है, जिनमें वैâसिनो टूरबिलॉन, ओपेरा गॉडफादर, एपिक एसएफ २४ वर्ल्ड टाइम टाइटेनियम और बुगाटी चिरोन टूरबिलॉन शामिल हैं। उनके पास कुछ रोलेक्स घड़ियां और बैटमैन के दो खास तौर पर बनवाए गए गहने भी हैं, क्योंकि उन्हें कॉमिक सुपरहीरो से बेहद लगाव है।
फुटबॉल सुंदरी की मौत का कोई सबूत नहीं
इधर फुटबॉल का विश्वकप चल रहा है, उधर एक फुटबॉल सुंदरी की रहस्यमयी मौत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है। जी हां, फुटबॉलर मैडी कुसैक २०२३ में अपने घर में मृत पाई गई थीं। बताया गया था कि वह इस बात से डिप्रेशन में थीं कि उनके पूर्व कोच शेफील्ड यूनाइटेड में शामिल हो रहे थे। २७ वर्षीय ये खिलाड़ी २० सितंबर, २०२३ को डर्बीशायर के हॉर्सली स्थित अपने घर में फांसी पर लटकी हुई पाई गईं। उनकी मौत के बाद हो रही जांचो में अभी तक यह ज्ञात नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी या हत्या? उनके पिता डेविड कुसैक अपनी बेटी की मौत के बाद से महिला टीम के मुख्य कोच जोनाथन मॉर्गन पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं। जांच में यह भी पता चला कि मैडी ने लेस्टर सिटी छोड़ने के बाद जब पहली बार मॉर्गन के साथ काम किया तो उसके लिए जीवन बड़ा कठिन हो गया था। डेविड ने कहा कि उनकी बेटी ने मॉर्गन जैसा चरित्र पहले कभी नहीं देखा था, जिसमें लोगों के साथ उसका व्यवहार करने का तरीका भी शामिल है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। मैडी डिप्रेशन की जो दवाएं ले रही थीं, उसे भी इस कांड में मुख्य रूप से जांचा जा रहा है। लगभग तीन साल बाद भी अभी तक यह साबित नहीं किया जा सका है कि मैडी की मौत वैâसे हुई है। यह जांच पर भी सवालिया निशान लगाता जा रहा है। इंग्लैंड की ओर से मैडी १०० मैच खेलने वाली पहली महिला खिलाड़ी भी थीं।

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