अमिताभ श्रीवास्तव
वैसे यदि किसी को गम कम करना हो तो इस तरह किया जाए तो जिंदगी भी बन जाती है। नशा वगैरह कर अपनी जिंदगी तबाह क्यों करना। इसका उदाहरण है आर्सेनल के स्ट्राइकर लिएंड्रो ट्रोसार्ड की पत्नी लौरा। जो अपने पारिवारिक संबंधो में बुरी तरह टूट गई थीं, यहां तक कि उन्हें अपने पति से तलाक भी लेना पड़ा। मगर गम ऐसा भी नहीं कि वो नशे में डूब जाएं, उन्होंने टेनिस खेलना शुरू करके अपने गम से उबरने की कोशिश की है। जी हां, ३३ वर्षीय लौरा हिलवेन डेविड लॉयड हेल्थ एंड फिटनेस क्लब के कोर्ट में नियमित रूप से व्यायाम करने लगी हैं। उनके बारे में कहा जा रहा कि ‘वह खेल के प्रति बहुत जुनूनी हैं और विशेष रूप से इसके शारीरिक पहलू को पसंद करती हैं।’ लौरा को हफ्ते में कम से कम दो या तीन बार, कभी-कभी उससे भी ज्यादा बार टेनिस क्लब जाना पसंद है और वह कोचों के साथ बहुत अच्छे से घुलमिल जाती हैं।’ उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर खेलते हुए अपनी तस्वीरें पोस्ट की हैं। एक तस्वीर में वह टेनिस कोर्ट पर कुर्सी पर बैठी रैकेट पकड़े हुए दिखाई दे रही हैं, जिसके साथ वैâप्शन है: ‘आपको बस जुनून की जरूरत है। अगर आपके अंदर किसी चीज के लिए जुनून है, तो आप प्रतिभा का निर्माण कर लेंगे। लौरा ने पिछले साल के विंबलडन में अपनी तस्वीरें भी पोस्ट की थीं, लेकिन बाद में उन्होंने ३१ वर्षीय प्रीमियर लीग स्टार ट्रोसार्ड के साथ वाली सभी तस्वीरें हटा दीं। लौरा ने बाद में पुष्टि की कि वह फुटबाल के अपने फॉरवर्ड खिलाड़ी प्रेमी व पति से अलग हो गई हैं, और कहा, ‘एक-दूसरे के लिए गहरे प्यार, देखभाल और सम्मान के साथ, हमने सौहार्दपूर्ण ढंग से अलग होने का बेहद कठिन निर्णय लिया है। यह पैâसला हमने हल्के में नहीं लिया। दरअसल, हम कुछ समय से अलग रह रहे हैं और इस दौरान हमने इस मामले को निजी तौर पर और सोच-समझकर सुलझाने के लिए जरूरी समय और स्थान लिया है।’
नकली है इंग्लैंड की जर्सी
फुटबाल की दीवानगी ऐसी है कि इसका बाजार भी अरबों के वारे-न्यारे करता है और इसीका फायदा उठाया जाता है। उन लोगों द्वारा जो नकली माल भी इस बाजार में दुगने भाव में बेच देते हैं। अब देखिए न, एक एआई-संचालित ऐप का दावा है कि प्रशंसकों द्वारा पहनी जाने वाली इंग्लैंड फुटबॉल की आधी जर्सी नकली हैं। दरअसल, कीटलेगिट बॉट कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके समर्थकों को बताता है कि उनका बनाया हुआ टॉप असली है या नहीं। इसमें पाया गया कि थ्री लायंस की केवल ५०.७ प्रतिशत शर्ट ही असली थीं, जिनकी कीमत ८९.९९ पाउंड थी। सह-संस्थापक एलेक्स प्रोत्सेन्को ने कहा, ‘नकली किट बेहतर और अधिक व्यापक होती जा रही हैं और अधिकांश प्रशंसकों को इस बात का अंदाजा नहीं है कि उन्हें पहचानना कितना मुश्किल है।’ पैंâस अपनी किट की तस्वीरें अपलोड करते हैं और ऐप बैज, कॉलर और वॉश लेबल सहित दर्जनों संकेतों की समीक्षा करता है। ऐप पर जांच की गई। सभी रेप्लिका शर्टों में से २५ से ३५ प्रतिशत नकली पाई गईं। मैनचेस्टर यूनाइटेड प्रीमियर लीग की सबसे ज्यादा प्रभावित टीम रही, जहां ऐप द्वारा जांचे गए ३८.४ प्रतिशत टॉप टेस्ट में फेल हो गए। इंग्लैंड की प्रतिकृति शर्ट अब आमतौर पर मानक प्रशंसक संस्करण के लिए लगभग ८० पाउंड में बिकती हैं, जबकि ‘प्रामाणिक’ खिलाड़ी संस्करणों के लिए यह कीमत १२०-१५० पाउंड तक बढ़ जाती है। नाम और नंबर की छपाई जोड़ने पर, प्रशंसक एक टॉप के लिए आसानी से १०० पाउंड से अधिक खर्च कर सकते हैं। कीमतों में इतना बड़ा अंतर नकली उत्पादों की मांग को बढ़ा रहा है, जो मात्र २० पाउंड में बिक रहे हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब ब्रिटेन में नकली सामानों का व्यापार चौंका देने वाले ९ अरब पाउंड प्रति वर्ष के उद्योग में तब्दील हो गया है और गुलामी विरोधी समूह के कार्यकर्ताओं के अनुसार, अब यह अवैध ड्रग्स व्यापार से भी अधिक पैसा कमाता है। जांचकर्ताओं का कहना है कि नकली सामान संगठित अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी और यहां तक कि आतंकवाद से भी घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है।
