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पूर्णेकर की हत्या से भड़का आक्रोश…ठाणे में अपराध, ड्रग माफिया और राजनीतिक दहशत के खिलाफ यलगार

-भयमुक्त ठाणे के लिए ९ अक्टूबर को पुलिस आयुक्तालय पर मोर्चा
-सर्वदलीय नेताओं की घोषणा

सामना संवाददाता/ मुंबई

शिवसेना विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या से ठाणे में आक्रोश भड़क उठा है। शहर में लगातार हो रही हत्याओं, बढ़ते अपराध, वसूली करने वालों और ड्रग माफिया के बढ़ते आतंक तथा राजनीतिक दहशत के खिलाफ सर्वदलीय नेताओं ने क्रांति का बिगुल बजा दिया है। आगामी ९ अक्टूबर को शाम ४ बजे शिवसेना, मनसे, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, धर्मराज्य पक्ष, आम आदमी पार्टी और आरपीआई के नेतृत्व में ठाणे पुलिस आयुक्तालय पर विराट मोर्चा निकाला जाएगा। इसमें हजारों ठाणेकर शामिल होंगे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार तथा पुलिस से जवाब मांगेंगे।
शिवसेना विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की उनके कार्यालय में ही गोलियां चलाकर और धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी। पूर्णेकर के परिवार ने आरोप लगाया है कि यह हत्या शिंदे गुट की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे के इशारे पर की गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। हत्याकांड के पांच आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। इस राजनीतिक हत्या ने ठाणे सहित पूरे महाराष्ट्र में हलचल मचा दी है। ठाणे में जारी गुंडाराज के खिलाफ सभी विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं। कल टिपटॉप होटल में शिवसेना के नेतृत्व में तमाम दलों के नेताओं ने संयुक्त पत्रकार परिषद की। नेताओं ने कहा कि पिछले एक महीने में ठाणे में पांच हत्याएं हुई हैं और नौ महीनों में ५६ लोगों की हत्या हुई है। आज एक पूर्णेकर मारे गए हैं, कल हममें से कौन होगा? सामाजिक संगठनों और अन्य राजनीतिक दलों से भी इस मोर्चे में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
ठाणे में बढ़ा क्राइम ग्राफ
शिवसेना नेता राजन विचारे ने कहा कि कभी सभ्य और शांत शहर के रूप में पहचाने जाने वाले ठाणे की स्थिति बेहद खराब हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशेड़ियों ने कुछ सप्ताह पहले एक निरीक्षक की हत्या कर दी। मादक पदार्थ माफिया का आतंक बढ़ गया है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

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