प्रेम यादव / भायंदर
मीरा-भायंदर रोड पर स्थित भारत पेट्रोलियम एवं सीएनजी पंप स्थानीय नागरिकों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनता जा रहा है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी तीनों र्इंधनों की उपलब्धता के कारण यह पंप हर समय अत्यधिक भीड़ से घिरा रहता है। खासकर, सीएनजी भरवाने के लिए ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालक आधी सड़क पर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, जिससे आम लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। यहां सीएनजी भरवाने से पहले लोगों की सांसें फूल जाती हैं।
यह पेट्रोल पंप मीरा-रोड पूर्व की मुख्य सड़क पर स्थित है। यह इलाका पहले ही भीड़-भाड़ वाला है और अब मेट्रो निर्माण कार्य के कारण सड़कें और भी संकरी हो गई हैं। इस स्थिति को और बदतर बनाता है पेट्रोल पंप का अव्यवस्थित प्रबंधन। अक्सर देखा जाता है कि मोटरसाइकिल चालक, ऑटो चालक, निजी वाहन, सैकड़ों की संख्या में लाइन में लगे रहते हैं, जिससे सड़क पर कई कतारें बन जाती हैं। यह कतारें धीरे-धीरे बढ़कर सड़क के आधे हिस्से को घेर लेती हैं, जिससे बाकी ट्रैफिक बाधित होता है।
मुख्य मार्ग होने के कारण मीरा-भायंदर रोड पर हर समय वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन पेट्रोल पंप के कारण इस आवाजाही में रुकावट पैदा हो रही है। आम नागरिकों को खासकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में गंभीर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति न सिर्फ वाहनों को परेशान करती है, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी असुविधाजनक हो जाती है।
निश्चित संख्या में वाहनों की हो एंट्री
सामाजिक कार्यकर्ता सज्जी आईपी कहते हैं कि इस समस्या का समाधान तभी संभव है जब पेट्रोल पंप प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन मिलकर कोई ठोस योजना बनाएं। जरूरी है कि एक समय में पंप परिसर में निश्चित संख्या में ही वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जाए। स्थानीय मनपा प्रशासन और ट्रैफिक विभाग को चाहिए कि वे इस समस्या का स्थाई समाधान निकालें। साथ ही पेट्रोल पंप मालिकों को भी चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए उचित प्रबंधन लागू करें।
ट्रैफिक पुलिस भी अनुपस्थित
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पेट्रोल पंप प्रबंधन की ओर से ट्रैफिक कंट्रोल के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पंप के कर्मचारी केवल पेट्रोल पंप परिसर में वाहनों की आवाजाही संभालने में लगे रहते हैं, लेकिन बाहर सड़क पर हो रही अव्यवस्था की कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है। एक नागरिक ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस की भी इस क्षेत्र में नियमित उपस्थिति नहीं रहती हैr, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। जब पूरा पंप बाहरी सड़कों पर पैâल जाए तो आम जनता वैâसे सुचारु रूप से चले?
