अनिल मिश्र / रांची
सन् 1948 में नव वर्ष के दिन सैकड़ों आदिवासी सेराइकेला-खरसावां जिले के ओडिशा में विलय के विरोध में और अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए एक अलग झारखंड राज्य के गठन की मांग को लेकर खरसावां हाट मैदान में एकत्र हुए थे। उसी दौरान पुलिस ने उन पर गोली चला दी गई थी। जहां उस दिन झारखंड में पुलिस गोलियां चलाई थी,लेकिन वहीं झारखंड में अब सम्मान किया जाएगा। आज झारखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खारसावां के आदिवासी शहीदों के परिवारों और उनसे जुड़े लोगों की पहचान करने के लिए जल्द ही एक समिति का गठन किया जाएगा। सोरेन ने उन आदिवासी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की जो 1948 में इसी दिन पुलिस गोलीबारी में शहीद हो गए थे।
इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को कहा कि खारसावां के आदिवासी शहीदों के परिवारों को भी गोवा पुलिस गोलीबारी कांड के शहीदों की तरह सम्मान दिया जाएगा। कहा कि शहीदों के परिवारों और उनसे जुड़े लोगों की पहचान करने के लिए जल्द ही एक समिति का गठन किया जाएगा।इस बीच झारखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1948 में इसी दिन पुलिस गोलीबारी में शहीद हुए उन आदिवासी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की जो शहीद सरायकेला-खारसावां जिले के ओडिशा में विलय का विरोध कर रहे थे और अलग झारखंड राज्य की मांग कर रहे थे।
