-बीजेपी समर्थकों पर बदले की भावना का आरोप
-संपत्ति की जांच को लेकर चुनाव आयोग को लिखा पत्र
सामना संवाददाता / मुंबई
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों द्वारा पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने तथा तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बाद अब उनके खिलाफ नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अभिजीत दीपके के पिता की संपत्ति और उनकी आय के स्रोतों की जांच की मांग को लेकर चुनाव आयोग और आयकर विभाग को भेजे गए एक पत्र ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
पत्र में अभिजीत दीपके के पिता की संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि अभिजीत दिपके की विदेश में हुई पढ़ाई पर खर्च की गई राशि का स्रोत क्या था। शिकायतकर्ता ने चुनाव आयोग और आयकर विभाग को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि घोषित आय और संपत्ति के बीच अंतर की जांच की जानी चाहिए। पत्र में यह भी मांग की गई है कि चुनाव के दौरान दिए गए शपथपत्र में घोषित संपत्ति और वास्तविक संपत्ति का मिलान किया जाए तथा सभी वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कराई जाए।
यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अभिजीत दीपके के समर्थकों ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ करार देते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें बदनाम करने और राजनीतिक रूप से घेरने की कोशिश की जा रही है। समर्थकों का कहना है कि दीपके लगातार सरकार से सवाल उठा रहे हैं इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं इस मामले में संबंधित आरोपों पर आधिकारिक स्तर पर कोई निष्कर्ष या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
