ईश्वरी राज
आज शुरुआत करते हैं देश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश से, जहां आग बिना धुएं के भी लग जाती है
सर्वर रूम स्वाहा…
भोपाल मंत्रालय में आग लगी तो सबसे पहले लाडली बहना का सर्वर रूम स्वाहा हो गया। विपक्ष बोला, दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है। सरकार ने कहा, एसी फट गया, पर क्राइम ब्रांच फायर ब्रिगेड से पहले पहुंच गई। इंदौर मेट्रो का टेंडर भी ऊंट के मुंह में जीरा निकला। ठेकेदार सीएम के समधी का लंगोटिया यार निकला तो फाइल रद्दी की टोकरी में चली गई। अब बायोमेट्रिक का डंडा चला है। १०:३१ पर अंगूठा लगा तो आधे दिन की रोटी गई। बाबू बोल रहे हैं, ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’, नेता १२ बजे आएं और हम १०:३० पर। सिंधिया समर्थकों को निगम-मंडल की मलाई चटाने की खिचड़ी पक रही है। काम का न काज का, दुश्मन अनाज का।
मध्य प्रदेश की आग की लपटें अभी बुझी नहीं कि उत्तर प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस फुल स्पीड पकड़ चुकी है
…मुर्गी दाल बराबर!
लखनऊ में शतरंज की बिसात बिछी है। मंत्री जी ने प्यादा डीएम बनाया तो विधायक जी ने ऊंट की चाल चल दी। सचिवालय में फाइल तब सरकती है जब ऊपर वाले की घंटी बजती है। अयोध्या में राम पथ की दुकान का रेट मुंहमांगा हो गया। नेता जी दिन में भगवा ओढ़ते हैं, रात को ठेकेदार के साथ चाय सुड़कते हैं। बोलते हैं, ये तो राम काज है। पूर्वांचल के बाहुबली को टिकट का झुनझुना पकड़ा दिया। शर्त ये कि अपने जिले में मक्खी भी न भिनकने पाए। जनता गर्मी में बिजली को तरसे, साहब एसी में कुर्सी तोड़ें। घर की मुर्गी दाल बराबर।
यूपी की गर्मी बिहार पहुंची तो राज्यसभा की मंडी में बोली लग गई
दिल्ली का आशीर्वाद…
पटना में कुर्सी का भाव आसमान छू रहा है। मांझी दिल्ली से आशीर्वाद लेने गए थे, लौटे तो टिकट वेटिंग में मिला। मुंह मांगी मुराद पूरी न हुई तो मन मसोस कर रह गए। जदयू में कुर्सी का म्यूजिकल चेयर चल रहा है। ललन सिंह का नाम फिर उछला है, साथ में ५वीं सीट का लड्डू भी। तेजस्वी के दरबार में लालटेन की लौ से ही एनडीए का धुआं निकालने का प्लान बन रहा है। एक मंत्री के पीए का फोन रिकॉर्ड हुआ, अब ड्राइवर भी पंâूक-पंâूककर कदम रख रहा है। यहां न बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया। रिश्ते जात से बंधे हैं, टिकट नोट से तुले हैं।
बिहार की सियासी आंच देवभूमि उत्तराखंड तक पहुंची तो संत भी सड़क पर आ गए
दिल्ली का देवता!
देहरादून में संत जी ने बद्री-केदार छोड़ सीएम आवास के सामने डेरा डाल दिया। तपस्या छोड़ टेंडर की माला जप रहे हैं। नारा है वीआईपी दर्शन बंद करो, अंदर की बात है हेली सेवा का ठेका शुरू करो। पुलिस वाले दूर से हाथ जोड़ रहे हैं। हटाएं तो श्राप का डर, बैठे रहने दें तो साहब का कहर। सचिवालय की फाइल पर लिखा है, ऊपर से दबाव है। पर ये ऊपर वाला कौन है, दिल्ली का देवता या देहरादून का, कोई नाम नहीं लेता। चारधाम का टिकट महंगा, नेता जी की उड़ान प्रâी। अंधा बांटे रेवड़ी, फिर-फिर अपनों को देय। जनता बोले, महादेव सबका हिसाब रखते हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ से लुढ़कती गॉसिप राजस्थान के रेगिस्तान में आकर रुक गई
नौटंकी तैयार…!
जयपुर में चैट लीक हुई तो सियासी पारा ५० डिग्री पार कर गया। मैडम मंत्री का मैसेज वायरल, पेपर रद्द मत करो, मेरे २० छोरे पास कराने हैं। सीएमओ बोला फोन जमा करो, वसुंधरा बोली प्रिंटआउट संभालो। झालावाड़ में शक्ति प्रदर्शन की नौटंकी तैयार है। एक राजघराने के कुंवर को भाजपा गाजे-बाजे से ला रही है। डील है टिकट पक्की, बस मंच से कांग्रेस पर कीचड़ उछालना पड़ेगा। गहलोत गुट ताल ठोक कर बोला, तुम्हारे पास महल का राजा, हमारे पास वोट की रियाया। यहां घर पंâूक तमाशा देख वाला हाल है। पेपर लीक हो या सरकार गिरे, सौदा पहले से सेट है।
डिस्क्लेमर: ये सारी बातें चाय के खोमचे, पान की टपरी और सियासी गलियारे की कानाफूसी से उठाई गई हैं। न कोई स्टांप है न साइन। मकसद सिर्फ हंसी-ठिठोली है, किसी का दिल दुखाना नहीं।
