उमेश गुप्ता / वाराणसी
धर्मनगरी वाराणसी के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाके चौक थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम टप्पेबाजी की एक बड़ी और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। तीन शातिर उचक्कों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर सर्राफ के कर्मचारियों को रोका और उन्हें ‘ड्रग तस्करी’ के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद जांच के नाम पर वे कर्मचारियों से करीब 60 लाख रुपये कीमत की 27 किलो चांदी लेकर रफूचक्कर हो गए।
इस बड़ी वारदात के बाद इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौक पुलिस और एसओजी की टीमें सक्रिय हो गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, गोविंदपुरा इलाके में शशि कुमार वर्मा की ‘जय मां लक्ष्मी ज्वेलर्स’ नाम से दुकान है। वहीं सुड़िया क्षेत्र में विनय सोनी की ‘हेमा ज्वेलर्स’ नाम से प्रतिष्ठान है। दोनों सर्राफ कारोबारी आपस में सोना-चांदी के गहनों का लेन-देन करते हैं।
गुरुवार शाम को शशि कुमार ने विनय सोनी की दुकान से 27 किलो चांदी लाने के लिए अपने 23 वर्षीय कर्मचारी उमाकांत को भेजा था। उमाकांत बोरी में चांदी लेकर लौट रहा था, और उसकी सुरक्षा के लिए विनय सोनी का 16 वर्षीय कर्मचारी आर्यन भी उसके साथ था।
दोनों कर्मचारी जैसे ही चांदी लेकर राजा दरवाजा मोड़ के पास पहुंचे, तभी अचानक लंबे-चौड़े कद के तीन अज्ञात युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया।
इनमें से एक ने कर्मचारी आर्यन के कंधे पर हाथ रखा और रौब झाड़ते हुए कहा, “हम क्राइम ब्रांच से हैं।” आरोपियों ने दोनों कर्मचारियों पर ड्रग (नशीले पदार्थ) बेचने का आरोप लगाकर डराना शुरू कर दिया।कर्मचारियों ने बार-बार दुहाई दी कि बोरी में ड्रग नहीं बल्कि चांदी है, लेकिन फर्जी क्राइम ब्रांच वाले नहीं माने।
शातिरों ने कर्मचारियों पर दबाव बनाया कि वे तुरंत अपने मालिक को मौके पर बुलाएं।
जैसे ही आर्यन अपने मालिक को फोन करने या बुलाने के लिए थोड़ी दूर आगे बढ़ा, तीनों शातिर उचक्के चांदी से भरी बोरी समेटकर पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए
चांदी गायब देख कर्मचारियों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत सर्राफ मालिकों को सूचना दी, जिसके बाद पीड़ित कारोबारी भागते हुए चौक थाने पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
