उमेश गुप्ता / वाराणसी
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को वाराणसी में सामाजिक संगठन “समस्त भारतवासी” के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने शास्त्री घाट कचहरी से गोलघर और अर्दली बाजार होते हुए जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला तथा राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और बेरोजगारी से युवा वर्ग गहरी चिंता में है, ऐसे में इन मुद्दों पर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने भी सोमवार को बीएचयू सिंहद्वार पर देशभर में लगातार हो रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ तथा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इसके उपरांत महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और परीक्षाओं की विश्वसनीयता भी समाप्त होती जा रही है। उन्होंने दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजू यादव, इस्तकबाल कुरैशी, विवेक जोसफ, लालू यादव, आरती यादव, रितेश केशरी, ऊर्जेश गुप्ता, विनोद यादव, डाक्टर किरन बाला, मनोज यादव, रामाकांत जायसवाल, अमन यादव, अजय यादव, आदि लोग उपस्थित रहे।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन सतर्क रहा और परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम के साथ सिगरा थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिसर में लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
