समय : रविवार, सुबह १० बजे
स्थान : रिचर्ड्सन क्रूडास कंपनी, भायखला
मार्ग : भायखला से मुंबई मनपा मुख्यालय
सामना संवाददाता / मुंबई
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में शिवसेना और मनसे ने शंखनाद कर दिया। वोटचोरी से चुनावी घोटालों के माध्यम से करोड़ों मतदाताओं का अपमान करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर दोनों दलों ने संयुक्त विराट महामोर्चे की घोषणा की है। मुंबई में रविवार ४ अक्टूबर को यह महामोर्चा निकाला जाएगा। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे इस मोर्चे का नेतृत्व करेंगे। मोर्चे में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा, बल्कि केवल तिरंगा ही दिखाई देगा। राज ठाकरे के ‘शिवतीर्थ’ निवास पर मंगलवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त पत्रकार परिषद की। इस दौरान शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत, शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख एवं विधायक आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता, विधायक अनिल परब, मनसे नेता अमित ठाकरे और बाला नांदगांवकर उपस्थित थे। ठाकरे बंधुओं ने पत्रकारों को संयुक्त महामोर्चे की विस्तृत जानकारी दी।
लोकतंत्र के लिए होने वाले हर आंदोलन को शिवसेना का समर्थन – उद्धव ठाकरे
चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन पर शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट भूमिका रखते हुए कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए जो भी दल और संगठन आंदोलन करेंगे, उन्हें हमारा पूरा समर्थन रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस समय देशभर में विभिन्न आंदोलन चल रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस ने कल आंदोलन किया, यह अच्छी बात है। २ अक्टूबर को सीजेपी आंदोलन करेगी और ४ अक्टूबर को हम करेंगे। प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने तरीके से जनता को जागरूक करना चाहिए। जरूरत महसूस हुई तो अंत में हम सभी एकजुट होकर जोरदार प्रहार करेंगे। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा, `वे स्वयं कई लोगों से मुलाकात कर ईवीएम मशीनों को लेकर अपनी भूमिका रखी थी। रविवार के महामोर्चे के माध्यम से एक बार फिर इन मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए महामोर्चा – राज ठाकरे
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि शिवसेना-मनसे का यह महामोर्चा किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग के गड़बड़ कामकाज के खिलाफ है। यह लोकतंत्र और संविधान को बचाने का विषय है। मोर्चे में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा। सभी के हाथों में केवल तिरंगा रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर हमारी शिकायतें नई नहीं हैं। हम पिछले कई वर्षों से इन मुद्दों पर अपनी बात रखते आए हैं। राज ठाकरे ने कहा कि संयुक्त मोर्चे के लिए हम सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित करेंगे। फोन करके प्रत्येक नेता से चर्चा करेंगे। यहां तक कि सत्तारूढ़ दल के लोगों को भी मोर्चे के मंच पर आने की अनुमति होगी। भाजपा की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि विपक्ष अपनी पराजय का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने का प्रयास कर रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने `चोर की दाढ़ी में तिनका’ कहकर भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि हम चुनाव आयोग के बारे में बोल रहे हैं तो भाजपा को इससे परेशानी होने का कारण क्या है? राज ठाकरे ने कहा कि यदि एक से अधिक मोर्चे निकल रहे हैं तो यह अच्छी बात है। उद्देश्य एक ही है, उसे कोई भी अपने तरीके से आगे बढ़ाए। जिसे जो संभव हो, वह करे। यह किसी प्रतियोगिता का विषय नहीं है। यदि किसी आवासीय सोसायटी को भी आंदोलन करना है तो वह भी कर सकती है।
‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक आज
चुनाव आयोग से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में राजधानी दिल्ली में बुधवार को ‘इंडिया’ गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। उद्धव ठाकरे ने कहा, `कल की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद देश स्तर पर आगे क्या करना है, इसका निर्णय लिया जाएगा।’
सीजेपी ने ठाकरे बंधुओं का माना आभार
चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुंबई में होने वाले ‘कॉकरोच’ आंदोलन को अब ठाकरे बंधुओं का भी समर्थन मिला है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अलग आंदोलन की घोषणा की है। आंदोलन के आयोजक अभिजीत दीपके ने ठाकरे बंधुओं के समर्थन का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।
