बुलाकी शर्मा राजस्थान
खुद नै डोढ़ हुंसियार अर दूजां नै गेळसफो मानणिया ओ जतारथ भूल जावै वैâ बां रो अर दूजा सगळां रो रचणहार अेक ई है। ऊपरआळो बो रचणहार ई आपरी रचियोड़ी रचनावां नैं चलावै। आपां सगळा बीं रा रमतिया (खिलौने) हां। बीं रै रचियोड़ै किणी ई रमतियै माथै हांसणो, बीं री मखौल उडावणी कै बीं रै फैसले माथै सवाल करणो मतलब परमात्मा माथै हांसणो, मखौल उडावणो वैâ सवाल करणो है।
परमात्मा अर बीं रै किणी रमतियै माथै आंगळी उठावण रो मतलब पाप रो भागी बणनो। इसा पापियां सारू सरग रा किवाड़ सदीव सारू बंद अर नरक में रिजर्वेशन पक्को। नरक में ई न्यारी-न्यारी वैâटेगरियां जरूर हुवैला। पाप की क्वालिटी अर क्वांटिटी रै हिसाब सूं। जियां मिनखाजूण में हुया करै। नरक री वैâटेगरियां में, बीपीअेल सूं ई नीचै री मतलब वैâ अेकदम लास्टआळी में इसा पापियां नै स्यात रोड़ीजै, जठै ड्यूटी माथै तैनात जमदूत, पुलिस रै भूत सूं ई घणा निरदयी अर हिंसक हुवणा चाइजै।
पण इण पावन धरा माथै परमात्मा रा घड़ियोड़ा इसा समझदार रमतिया ई है जिकां रो उसूल है `करो पाप अर खाओ धाप’र।’ अर बे ठरवैâ सूं आपरै उसूलां माथै चालै अर धपटवों खावै। ठरवैâ सूं पाप करणिया ठरवैâ सूं रैवै अर आपरो ठरको बे दूजां माथै ई चलावै पण फेर ई बां रै मन में अेक हुचको रैवै। हुचको ओ कै पाप रो घड़ो भरियां, मरियां पछै सरग री ठौड़ नरक में भेजण रा परमानेंट ऑर्डर परमात्मा निकाळ राख्या है। पण कैया करै नीं, गुरु गुड़ ई रैय जावै अर चेलो शक्कर बण जावै। परमात्मा रा अे रमतिया मिरत्यु लोक में आय’र इत्ता चतर हुयग्या है वैâ आपरै सिरजणहार रै ऑर्डर रो तोड़ ई काढ़ लियो है। पाप रो घड़ो बे तिरियां-मिरियां हुवण ई कोनी देवै। बे `मिल-बांट’र खावणो वैकुंठां जावणो’ उसूल माथै चालै। बढ़-चढ़नै परमात्मा री सेवा-पूजा करै। पाप री कमाई सूं धरम-पुन्न करै। आपरै खोटा करमा रै राज नै राज राखण सारू राज रा रमतियां नैं गुपतदान करै। अेकला नीं, बां साथै मिल-बांट’र खावै।
आपरै उसूलां माथै चालणिया इसा रमतियां सूं रचणहार ई राजी अर दूजा ई राजी। बे आपरै पापां नै पुन्न रै खातै दरज कराय’र नरक जावण रै झंझट अर डर सूं प्रâी हुय जावै। बां सारू वैकुंठ में अेडवांस सीट रिजर्व हुय जावै। अठै मिरत्यु लोक में ई ठाठ अर अठै सूं जायां बठै वैकुंठ में तो ठाठ ई ठाठ।
