सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ दिनों से वसई और मुंबई सेंट्रल के बीच रेलवे पुलिस द्वारा यात्रियों को लूटने की घटनाएं प्रकाश में आ रही थीं। इसी दरम्यान बांद्रा रेलवे पुलिस स्टेशन की सीमा में एक व्यापारी से १०.३० लाख रुपए की लूटने की घटना प्रकाश में आई है। मामले में जब बांद्रा रेलवे पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की तो पता चला कि लुटेरे नकली पुलिस बनकर घटना को अंजाम दे रहे थे। यात्रियों को लूटने वाले दोनों नकली पुलिस वालों को बांद्रा रेलवे पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच रेलवे पुलिस कर रही है।
असली रेलवे पुलिस शामिल है या नहीं, यह जांच से पता चलेगा। शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
-सुनीता ठाकरे, पुलिस उपायुक्त, पश्चिमी क्षेत्र, रेलवे पुलिस
बांद्रा स्टेशन पर व्यापारी को लूटा
शिकायतकर्ता विकास गुप्ता सोमवार को कपड़े खरीदने के लिए गुजरात जा रहे थे। ट्रेन पकड़ने के लिए वे बांद्रा टर्मिनस आए थे और वहां रेलवे कैंटीन के पास खड़े थे। इसी दौरान दो अज्ञात लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनसे पूछा कि कहां जा रहे हो, तुम्हारे बैग में क्या है? जब दोनों अज्ञात लोगों ने तलाशी ली तो बैग में दस लाख रुपए नकद मिले। इसके बाद अज्ञात लोगों ने नकदी के बारे में सबूत दिखाने को कहा तो गुप्ता घबरा गए। अज्ञात लोगों ने नकदी ले ली और कहा कि पैसा नहीं मिलेगा। कुछ समय बाद गुप्ता को जब ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने इसकी शिकायत बांद्रा रेलवे पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। इस मामले में बांद्रा रेलवे पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मिलीभगत का संदेह
इस घटना में वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों के शामिल होने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है। रेलवे पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में महिला पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पश्चिम रेलवे के बांद्रा टर्मिनस स्थित खार रोड रेलवे स्टेशन से बैग ले जाते हुए देखी गई हैं।
