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अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें!…मिडिल ईस्ट तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछला क्रूड

-पेट्रोल-डीजल के दामों में हो सकती है बढ़ोतरी
मनमोहन सिंह
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर १०० डॉलर से १०१ डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंका गहरा गई है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
भारत पर कितना बढ़ेगा असर?
भारत अपनी जरूरत का लगभग ८५ डॉलर कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के १०० डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियों की लागत पर भारी दबाव पड़ा है।
खुदरा कीमतों पर असर: यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की दरें लंबे समय तक १००- १०५ डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारतीय बाजार में भी पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में रु. ५ से रु. ८ प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की पूरी संभावना बन रही है।
पाठकों से गुजारिश
लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने क्या आपकी जेब का बजट बिगाड़ दिया है? क्या आप भी रसोई के बजट से लेकर घूमने-फिरने तक के खर्चों में कटौती करने पर मजबूर हैं? चाहे आपने दफ्तर जाने के लिए बाइक छोड़कर मेट्रो, लोकल या लोकल बस सेवा चुनी हो या फिर महीने का राशन कम किया हो,आपकी हर छोटी-बड़ी कोशिश मायने रखती है। आप इस महंगाई से वैâसे निपट रहे हैं और जिंदगी में क्या बदलाव लाए हैं? अपनी कहानी और अनुभव हमारे साथ साझा करें!

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