अकार्यक्षम मंत्रियों को किया सचेत
गुप्त बैठक में दिए कड़े संदेश
सामना संवाददाता / मुंबई
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्ववाले गुट की साख लगातार गिर रही है, जिसकी वजह मंत्रियों की निष्क्रियता बताई जा रही है। इससे आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर पड़नेवाले असर को ध्यान में रखते हुए हाल ही में हुई एक गुप्त बैठक में एकनाथ शिंदे ने अपने मंत्रियों के अकार्यक्षम रवैए पर नाराजगी व्यक्त की है। बैठक में मंत्रियों को उनके कामकाज और जनता दरबार की उपेक्षा पर सचेत किया गया। साथ ही उन्होंने मंत्रियों को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ संदेश दिया है कि अगर उनके काम में सुधार नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। शिंदे ने जोर देकर कहा है कि सरकार की छवि को बनाए रखने के लिए सभी को सक्रिय होकर काम करना होगा, वरना आम जनता के बीच पार्टी की विश्वसनीयता कम हो सकती है। महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचानेवाली यह खबर सामने आई है कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने गुट के मंत्रियों से नाराज हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने ही गुट के अक्षम मंत्रियों को कड़ी चेतावनी दी है। कुछ दिन पहले शिंदे ने शिंदे गुट के मंत्रियों के लिए वैâबिनेट बैठक के बाद निर्मल भवन में एक गुप्त बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने अकार्यक्षम मंत्रियों को सचेत किया। गुप्त बैठक में मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर शिंदे ने नाराजगी जताई। मंत्रियों के प्रशासनिक कामकाज और पार्टी संगठन की अनदेखी पर उन्होंने कड़ी टिप्पणियां कीं। सत्ता में आने के बाद शिंदे ने मंत्रियों को जनता दरबार लेने के निर्देश दिए थे, ताकि आम जनता की समस्याओं का समाधान किया जा सके। बैठक में समय-समय पर जनता दरबार का कार्यक्रम तय किया गया था। हालांकि, कुछ मंत्रियों ने शुरुआत में जनता दरबार आयोजित किया, लेकिन बाद में उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया। इस पर शिंदे ने कहा कि जनता ने विश्वास के साथ अवसर दिया है इसलिए नागरिकों के बीच जाकर, दिए गए जिलों की जिम्मेदारी निभाते हुए संगठन को मजबूत करना जरूरी है।
