सामना संवाददाता / मुंबई
जिन जनप्रतिनिधियों को चुनने के लिए मतदाता घंटों कतारों में खड़े रहते हैं, वही जनप्रतिनिधि ५० से १०० करोड़ रुपए में बिक जाते हैं। आनेवाली पीढ़ियों को क्या हम यह बता पाएंगे कि हम बिक गए थे? स्वाभिमान मर जाए तो सिर्फ जिंदा लाशें बचती हैं। ऐसे शब्दों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। बांद्रा स्थित रंगशारदा सभागार में मनसे पदाधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी बात रखी।
भाजपा के भीतर भी भारी आंतरिक असंतोष
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि ये सांसदों को इसलिए तोड़ रहे हैं, ताकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को २०२९ में पीएम बनाया जा सके। इसी के तहत चुनावों की तैयारी अभी से शुरू है। सांसदों की कथित गद्दारी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सत्ता होने के बावजूद शिवसेना के छह सांसद भाजपा में जाने के बजाय शिंदे गुट में क्यों गए?
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह २०२९ के लोकसभा चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। यदि भाजपा के भीतर से उन्हें विरोध का सामना करना पड़े तो अन्य गुटों से समर्थन मिल सके, इसके लिए यह पूरी राजनीतिक कवायद की जा रही है।
राज ठाकरे ने यह भी दावा किया कि भाजपा के भीतर भी भारी आंतरिक असंतोष है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से वह दबा हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में महाराष्ट्र और देश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सड़कों पर बनाई जा रही सफेद पट्टियों और छत्रपति शिवाजी महाराज के जिरेटोप पर जैन ध्वज लगाए जाने के विवाद पर भी राज ठाकरे ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के प्रति उन्हें सम्मान है, लेकिन कुछ जैन मुनि भाजपा की राजनीति कर रहे हैं। सोसायटियों में सफेद पट्टियां क्यों बनाई जा रही हैं? हमें विवाद नहीं चाहिए, लेकिन यदि जानबूझकर विवाद खड़े किए जाएंगे तो हम सड़क पर उतरेंगे। राज ठाकरे ने कहा कि सत्ता तक पहुंचने का रास्ता मतदाता सूची से होकर जाता है। फर्जी मतदाताओं पर आपत्ति उठानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के २७ लाख वोट हटाए गए, जिसके कारण उन्हें नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को भी हार का सामना करना पड़ा।
